श्री सीता माता आरती हिन्दी में आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी, नित्य सत्य साकेत विहारिणी, परम दयामयी दिनोधारिणी, सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी...
श्री सीता माता आरती हिन्दी में आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी, नित्य सत्य साकेत विहारिणी, परम दयामयी दिनोधारिणी, सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी...
श्री चन्द्र देव जी की आरती हिन्दी में ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा । दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी । रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी । दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी । जो कोई आरती तेरी, प्रेम...
श्री बद्रीनाथ जी की आरती हिन्दी में पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम् । निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम् ॥ शेष सुमिरन करत निशदिन, धरत ध्यान महेश्वरम् । वेद ब्रह्मा करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम् ॥ ॥...
माँ कूष्मांडा की आरती हिन्दी में कूष्मांडा जय जग सुखदानी । मुझ पर दया करो महारानी ॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली । शाकंबरी मां भोली भाली ॥ लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे ॥ भीमा पर्वत पर है डेरा...
हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर हिन्दी में सत्य, सनातन, सुंदर, शिव! सबके स्वामी । अविकारी, अविनाशी, अज, अंतर्यामी ॥ ॐ हर हर हर महादेव..॥ आदि अनंत, अनामय, अकल, कलाधारी । अमल, अरूप, अगोचर, अविचल अघहारी ॥ ॐ हर हर...
अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती हिन्दी में अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली । तेरे ही गुण गाये भारती, ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ तेरे भक्त जनो पर, भीर पडी है भारी माँ ।...
श्री सूर्य देव – ऊँ जय सूर्य भगवान जी की आरती हिन्दी में ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥...
श्री सत्यनारायण जी आरती हिन्दी में जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्न जडि़त सिंहासन, अद्भुत छवि राजै । नारद करत निराजन, घण्टा...
जय जय तुलसी माता जी की आरती हिन्दी में जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता । सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता ॥ ॥ जय तुलसी माता…॥ सब योगों से ऊपर, सब रोगों से ऊपर । रज से...
आरती श्री कुंजबिहारी की हिन्दी में आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।