मथुरा को केवल एक शहर कहना इसके आध्यात्मिक महत्व को छोटा करना होगा। यह वह पावन नगरी है जिसे भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है। यमुना के किनारे बसी मथुरा और इसके आसपास का ब्रज क्षेत्र श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की भक्ति और प्...

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। वर्षभर में आने वाली प्रत्येक एकादशी का अपना अलग महत्व, नाम और धार्मिक मान्यता है। इन्हीं में से एक है कामिका एकादशी, जो श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आत...

मथुरा को केवल एक शहर कहना इसके आध्यात्मिक महत्व को छोटा करना होगा। यह वह पावन नगरी है जिसे भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है। यमुना के किनारे बसी मथुरा और इसके आसपास का ब्रज क्षेत्र श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-...

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। वर्षभर में आने वाली प्रत्येक एकादशी का अपना अलग महत्व, नाम और धार्मिक मान्यता है। इन्हीं में से एक है कामिका एकादशी, जो श्रावण मास ...

हिंदू धर्म में भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा गया है। भगवान शिव की आराधना को अत्यंत सरल माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि भोलेनाथ अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं। शिव पूजा में अभिषेक का विशे...

हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं में स्त्री शक्ति, पतिव्रता धर्म और तपस्या की शक्ति से जुड़ी अनेक अद्भुत कथाएं मिलती हैं। इन कथाओं में कुछ प्रसंग ऐसे हैं जो केवल चमत्कार की कहानी नहीं बताते, बल्कि यह भी समझाते हैं कि सच्ची निष्ठा, संकल...

भारत की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा में भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी का विशेष स्थान है। ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर केवल एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि अपनी अनूठी परंपराओं, वास्तुकला और सदियों पुरानी मान्यताओं ...

राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी खूबसूरत हवेलियों, महलों, किलों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। लेकिन जयपुर की पहचान केवल राजसी विरासत तक सीमित नहीं है। शहर के आसपास कई ऐसे प्राचीन और धार्मिक स्थल भी मौजूद है...

जब भक्त बुलाते हैँ जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥ वो तो दीन और दुःखीओं को ॥ आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ, जब भक्त बुलाते हैँ… द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा, दौड़े दौड़े आ गए । भरी सभा में, चीर बढ़ा के, उसकी लाज बचा गए...

श्री रामायण प्रारम्भ स्तुति जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन ॥ करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन ॥ 1 ॥ मूक होइ बाचाल पंगु चढइ गिरिबर गहन ॥ जासु कृपाँ सो दयाल द्रवउ सकल कलि मल दहन ॥ 2 ॥ नील सरोरुह स्याम तरुन अरुन बारिज नयन ॥ करउ सो मम...