Sanatan dharm mein har parampara ke peeche ek gehra adhyatmik arth chhupa hota hai. Shivling par doodh chadhaane ki pratha bhi ek aam kriya nahi hai. Ye hamare dharm aur sanskriti ke saath judi ek aisi parampara hai, jo sirf adhyatmikta ko hi nahi, b...
रामायण की कथाएं जितनी बार सुनी जाएं, उतनी ही बार मन को अपने भीतर खींच लेती हैं। इन कथाओं में केवल युद्ध, विजय और पराक्रम ही नहीं है, बल्कि ऐसी भक्ति भी है, जिसके सामने संसार की सबसे अनमोल वस्तुएं भी छोटी दिखाई देती हैं। महाबली हनु...
दक्षिण भारत की धरती पर ऐसे कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनसे जुड़ी मान्यताएँ और रहस्यमयी कथाएँ आज भी लोगों को हैरान करती हैं। लेकिन कर्नाटक के हासन जिले में स्थित हसन अंबा देवी मंदिर इन सबसे अलग माना जाता है। इस मंदिर से जुड़ी सबसे अद्भ...
लंका की धरती पर युद्ध अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका था। एक ओर भगवान श्रीराम की सेना थी और दूसरी ओर लंका का महान राजा रावण अपनी पूरी शक्ति के साथ युद्धभूमि में खड़ा था। चारों तरफ युद्ध का शोर था। आकाश धूल से भर चुका था। वानर सेना औ...
जब भक्त बुलाते हैँ जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥ वो तो दीन और दुःखीओं को ॥ आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ, जब भक्त बुलाते हैँ… द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा, दौड़े दौड़े आ गए । भरी सभा में, चीर बढ़ा के, उ...
Lakhamandal Shiv Mandir ka Rahasya Hello friends! Aaj hum aapko le chalte hain ek amazing journey par, jo Uttarakhand ke god mein sthit ek adbhut mandir tak le jaati hai. Yeh hai Lakhamandal Shiv Mandir—jahan maana jata hai ki mau...
Namaskar dosto!Aap sabhi ka hardik swagat hai aapke apne Sanatan Gyan Manthan mein. Aaj main aapke liye lekar aayi hoon ek bahut hi rochak aur rahasyamay kahani, jo aapki kalpana ko mohit kar degi. Toh aaiye, shuru karte hain aaj ...
जब भक्त बुलाते हैँ जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥ वो तो दीन और दुःखीओं को ॥ आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ, जब भक्त बुलाते हैँ… द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा, दौड़े दौड़े आ गए । भरी सभा में, चीर बढ़ा के, उसकी लाज बचा गए...
श्री रामायण प्रारम्भ स्तुति जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन ॥ करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन ॥ 1 ॥ मूक होइ बाचाल पंगु चढइ गिरिबर गहन ॥ जासु कृपाँ सो दयाल द्रवउ सकल कलि मल दहन ॥ 2 ॥ नील सरोरुह स्याम तरुन अरुन बारिज नयन ॥ करउ सो मम...





















