अयोध्या भारत की उन प्राचीन धार्मिक नगरीयों में से एक है, जिसका नाम लेते ही भगवान श्रीराम, उनकी जन्मभूमि और सरयू नदी का स्मरण होने लगता है। हिंदू धार्मिक परंपरा में अयोध्या को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि माना जाता है और इसी कारण यह स्थान करोड़ों श्रद्धा...

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। प्रत्येक माह में दो एकादशी आती हैं—एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। भगवान विष्णु को समर्पित इन एकादशियों में से प्रत्येक का अपना अलग महत्व, व्रत विधान और पौराणिक इतिहास है। इन्ह...

अयोध्या भारत की उन प्राचीन धार्मिक नगरीयों में से एक है, जिसका नाम लेते ही भगवान श्रीराम, उनकी जन्मभूमि और सरयू नदी का स्मरण होने लगता है। हिंदू धार्मिक परंपरा में अयोध्या को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि माना जाता है और इसी कारण यह स...

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। प्रत्येक माह में दो एकादशी आती हैं—एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। भगवान विष्णु को समर्पित इन एकादशियों में से प्रत्येक का अपना अलग महत्व, व्रत विधान और पौर...

हिंदू धर्म में व्रत और उपवास को केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि मन, वाणी और विचारों को संयमित करने का माध्यम माना गया है। इन्हीं व्रतों में एकादशी व्रत, जिसे आम बोलचाल में ग्यारस का व्रत भी कहा जाता है, विशेष महत्व रखता है। भगवान व...

भारतीय धार्मिक परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को सबसे भावपूर्ण और प्रेरणादायक उदाहरणों में गिना जाता है। एक ओर द्वारका के राजा श्रीकृष्ण थे, जिनके पास वैभव, शक्ति और ऐश्वर्य की कोई कमी नहीं थी, तो दूसरी ओर उनके बा...

मथुरा को केवल एक शहर कहना इसके आध्यात्मिक महत्व को छोटा करना होगा। यह वह पावन नगरी है जिसे भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है। यमुना के किनारे बसी मथुरा और इसके आसपास का ब्रज क्षेत्र श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-...

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। वर्षभर में आने वाली प्रत्येक एकादशी का अपना अलग महत्व, नाम और धार्मिक मान्यता है। इन्हीं में से एक है कामिका एकादशी, जो श्रावण मास ...

जब भक्त बुलाते हैँ जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥ वो तो दीन और दुःखीओं को ॥ आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ, जब भक्त बुलाते हैँ… द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा, दौड़े दौड़े आ गए । भरी सभा में, चीर बढ़ा के, उसकी लाज बचा गए...

श्री रामायण प्रारम्भ स्तुति जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन ॥ करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन ॥ 1 ॥ मूक होइ बाचाल पंगु चढइ गिरिबर गहन ॥ जासु कृपाँ सो दयाल द्रवउ सकल कलि मल दहन ॥ 2 ॥ नील सरोरुह स्याम तरुन अरुन बारिज नयन ॥ करउ सो मम...