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भजन संग्रह

भजन संग्रह श्रेणी में, हम आपको विभिन्न भक्ति और आध्यात्मिक गीतों का लिखित संग्रह प्रदान करते हैं। यहाँ आपको विभिन्न प्रकार के भजन मिलेंगे: भक्ति भजन: भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति को व्यक्त करने वाले भजन। आध्यात्मिक भजन: आत्मा और ईश्वर के संबंध को दर्शाने वाले भजन। स्तुति भजन: भगवान की स्तुति और प्रशंसा करने वाले भजन। आरती: भगवान की आरती करने के लिए गीत। भजन कीर्तन: भक्ति गीतों का सामूहिक गायन। हमारे भजन संग्रह की विशेषताएं: विभिन्न भाषाओं में भजन: हिंदी, संस्कृत, मराठी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, बंगाली, और अन्य भाषाओं में भजन। विभिन्न भक्तों और संतों द्वारा रचित भजन: मीराबाई, तुलसीदास, सूरदास, कबीर, नामदेव, और अन्य भक्तों द्वारा रचित प्रसिद्ध भजन। विभिन्न रागों में भजन: भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं को व्यक्त करने वाले विभिन्न रागों में भजन। आसानी से खोजने योग्य: आप भगवान के नाम, भाषा, राग, या भक्त के नाम से भजन खोज सकते हैं। पढ़ने में आसान: भजनों को पढ़ने में आसान बनाने के लिए, हमने उन्हें हिंदी में लिप्यंतरित किया है। भजन संग्रह का उपयोग कैसे करें: अपनी पसंद के भजन पढ़ें: आप अपनी पसंद के भजन को खोज सकते हैं और उन्हें पढ़ सकते हैं। भजन सुनें: आप भजनों को ऑडियो में भी सुन सकते हैं। भजन गाएं: आप भजनों को गाकर भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर सकते हैं। भजन साझा करें: आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ भजन साझा कर सकते हैं। भजन संग्रह का उद्देश्य: भक्ति और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देना: हमारा उद्देश्य लोगों को भक्ति और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करना है। सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना: भजन हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हम भजनों को संरक्षित करना और उन्हें भावी पीढ़ी तक पहुंचाना चाहते हैं। मन को शांति प्रदान करना: भजन मन को शांति और आनंद प्रदान करते हैं। आशा है कि आपको हमारा भजन संग्रह पसंद आएगा। अन्य महत्वपूर्ण जानकारी: हमारे भजन संग्रह को नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। आप हमें अपनी पसंदीदा भजन भी भेज सकते हैं। हमारे भजन संग्रह का उपयोग करने के लिए धन्यवाद!

जय शङ्खगदाधर नीलकलेवर पीतपटाम्बर देहि पदम् । जय चन्दनचर्चित कुण्डलमण्डित कौस्तुभशोभित देहि पदम् ॥१॥ जय पङ्कजलोचन मारविमोहन पापविखण्डन देहि पदम् । जय वेणुनिनादक रासविहारक वङ्किम सुन्दर देहि पदम् ॥२॥ जय...

Garud Puran Ke Anusar Kin Gharon Mein Bhojan Nahin Karna Chahiye

जब भक्त बुलाते हैँ जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥ वो तो दीन और दुःखीओं को ॥ आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ, जब भक्त बुलाते हैँ… द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा, दौड़े दौड़े आ गए...

Maa Lakshmi

घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा । घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा ॥ दीवाली का त्यौहार आया, हमने घर को दीपो से सजाया । माँ मेरे घर आना भक्तो को भूल न जाना, सबके घर में चरण धर ...

Hanuman ji

तर्ज : प्यासे पंछी नील-गगन के रामायण के सात काण्ड में कोई नही है ऐसा सुन्दरकाण्ड के जैसा.. घर घर में गाया जाता है कौनसा ग्रंथ है ऐसा सुन्दरकाण्ड के जैसा.. इतना सरल है हर कोई पड़ले, शास्त्र नहीं कोई ऐस...

Mata Rani

जय माता दी गाये जा, मैया को मनाये जा, माता से कर अरदास तू, मैया पे रख विश्वास तू, जय माता दी गायें जा, मैया को मनाये जा ॥ जिसने माता का है नाम लिया, पल में माँ ने उसका काम किया, कभी भी उसकी नैया ना डू...

Maa Dakshineshwar Kali Mandir

माँ राणीसती सुनले, तेरो लाल बुलावे है, इब खोल तेरी मुट्ठी, क्यों जी ने जलावे है, मां राणीसती सुनले, तेरो लाल बुलावे है ॥ तेरे होतां क्यों दादी, टाबर तेरो तरसे, बिन सावन भादो के, मेरी आंखड़ल्या बरसे, क्...

मेरी मैया तू एक बार आजा

भक्तों के घर कभी, आजा शेरावाली, कुटिया का मान, बढ़ा जा शेरावाली, भक्तो के घर कभी, आजा शेरावाली ॥ पलकों के आसन पे, तुझको बिठाएंगे, हलवा पूड़ी का मैया, भोग लगाएंगे, भाव का ये भोग, लगा जा शेरावाली, भक्तो क...

Tere Darbar Ka Paane Nazara

तेरे स्वागत में मैया जी, मैंने पलके बिछाई है, मैंने पलके बिछाई है मैंने पलके बिछाई है, चली आओ मेरी मैया, घड़ी शुभ फिर से आई है, तेरे स्वागत में मईया जी, मैंने पलके बिछाई है ॥ मिली थी जो खुशी मुझको, बि...

Man Tera Mandir Ankhen Diya

आया माँ का संदेशा आज, चलो माँ के भवन को भक्तों, चलो माँ के भवन को भक्तों, आया मां का संदेशा आज, चलो माँ के भवन को भक्तों ॥ मैया ने भेजी पाती, माँ भवन पे हमें बुलाती, मेरी किस्मत जग गई आज, चलो माँ के भ...

Bhagwan Vishnu ki Maya me Kaise Fanse Narad ji

जो भजे हरि को सदा, जो भजे हरि को सदा, सोहि परम पद पायेगा सोहि परम पद पायेगा देह के माला, तिलक और भस्म, नहिं कुछ काम के प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा सोहि परम पद पायेगा सोहि परम पद पायेगा ज...