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स्तुति संग्रह

Sanatan Gyaan Manthan के इस 'स्तुति संग्रह' (Stuti Sangrah) सेक्शन में आपका हार्दिक स्वागत है। सनातन धर्म में 'स्तुति' का अर्थ है ईश्वर के गुणों, उनकी शक्ति और उनकी दयालुता का गान करना। जब एक भक्त अपने आराध्य की स्तुति करता है, तो वह उनके दिव्य स्वरूप के प्रति अपना सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करता है। स्तुति के शब्द सीधे हृदय से निकलते हैं और भक्त को परमात्मा के और भी करीब ले जाते हैं। हमारे इस 'स्तुति संग्रह' में आपको सभी प्रमुख देवी-देवताओं की दिव्य स्तुतियां (Divine Hindu Stutis) पढ़ने को मिलेंगी। यहाँ हमने हर स्तुति के शुद्ध और सटीक शब्द (Stuti Lyrics in Hindi) साझा किए हैं। चाहे वह मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की स्तुति (Shri Ram Stuti) हो, महादेव की शिव स्तुति (Shiv Stuti), या जगत के पालनकर्ता विष्णु जी की स्तुति (Vishnu Stuti); यहाँ आपको हर प्रमुख वंदना एक ही स्थान पर प्राप्त होगी। स्तुति पाठ का महत्व (Importance of Chanting Stuti): स्तोत्र और स्तुति का पाठ करने से मन में सकारात्मक विचार आते हैं और एकाग्रता बढ़ती है। शास्त्रों के अनुसार, नियमित रूप से स्तुति करने से व्यक्ति को मानसिक शक्ति प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों का नाश होता है। 'Stuti Sangrah' के इस पेज पर आपको न केवल लिरिक्स मिलेंगे, बल्कि उनके अर्थ और पाठ करने के लाभ भी जानने को मिलेंगे। अपनी दैनिक पूजा और विशेष धार्मिक अवसरों के लिए शुद्ध और प्रामाणिक स्तुतियों के संग्रह के लिए इस पेज को जरूर देखें। हम निरंतर इस सूची में नई स्तुतियों और उनके रहस्यों को जोड़ते रहते हैं ताकि आपको Shuddh Sanatan Gyaan और भक्ति का सही अनुभव मिलता रहे। इस श्रेणी में आपको: विभिन्न भाषाओं में स्तुतियाँ, जैसे हिंदी, संस्कृत, मराठी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, बंगाली, आदि। विभिन्न देवी-देवताओं के लिए स्तुतियाँ, जैसे भगवान विष्णु, शिव, माता दुर्गा, गणेश जी, राम, कृष्ण, हनुमान जी, सरस्वती, लक्ष्मी, आदि। विभिन्न अवसरों के लिए स्तुतियाँ, जैसे त्योहार, पूजा, आरती, भक्ति, ध्यान, आदि। विभिन्न रचनाकारों द्वारा लिखी गई स्तुतियाँ, जैसे तुलसीदास, मीराबाई, सूरदास, कबीर, आदि। इस श्रेणी का उद्देश्य: भक्तों को विभिन्न देवी-देवताओं की स्तुति करने में मदद करना। भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति और शांति प्रदान करना। भक्तों को विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित कराना। हम आपसे अनुरोध करते हैं: इस श्रेणी में अपनी पसंदीदा स्तुतियाँ ढूंढें और उन्हें सुनें। स्तुति संग्रह में योगदान करें और अपनी स्तुतियाँ साझा करें। स्तुति संग्रह को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें। आशा है कि आपको स्तुति संग्रह श्रेणी पसंद आएगी। अन्य महत्वपूर्ण जानकारी: स्तुति संग्रह श्रेणी को नियमित रूप से नई स्तुतियों के साथ अपडेट किया जाएगा। आप स्तुति संग्रह श्रेणी में अपनी पसंदीदा स्तुतियाँ बुकमार्क कर सकते हैं। आप स्तुति संग्रह श्रेणी में खोज कर अपनी पसंदीदा स्तुतियाँ ढूंढ सकते हैं। हम आपसे प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए उत्सुक हैं।

Shri Ram stuti

श्री रामायण प्रारम्भ स्तुति जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन ॥ करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन ॥ 1 ॥ मूक होइ बाचाल पंगु चढइ गिरिबर गहन ॥ जासु कृपाँ सो दयाल द्रवउ सकल कलि मल दहन ॥ 2 ॥ नील स...

Shri ram

कोटिकण्ठगीतमिदं राष्ट्रमन्दिरं जयतु जयतु हृदयपुटे राममन्दिरम् ॥ ऋषिवसिष्ठकौशिकादिपूतमन्दिरं महितभरतलक्ष्मणार्यशोभिमन्दिरम् । हनुमदादिजानकीसमेतमन्दिरं जयतु जयतु हृदयपुटे राममन्दिरम् ॥१॥ वाल्मीकेर्हृदयम...

श्री बजरंग बाण पाठ

॥श्री बजरंग बाण पाठ॥ ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान । तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमंत संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥ जन के काज बिलंब न कीजै । ...

Dhyanu Ki Tarah Ambe Mera

श्री चण्डी-ध्वज स्तोत्रम् ॥ विनियोग ॥ अस्य श्री चण्डी-ध्वज स्तोत्र मन्त्रस्य मार्कण्डेय ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रां बीजं, श्रीं शक्तिः, श्रूं कीलकं मम वाञ्छितार्थ फल सिद्धयर्थे...

महिषासुर मर्दिनी

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् – अयि गिरिनन्दिनि हिन्दी में   अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । भगवति हे शितिकण्ठकुटुम...

श्री काशी विश्वनाथ अष्टकम

श्री काशी विश्वनाथ अष्टकम: मंत्र हिन्दी में   ॥ श्रीकाशीविश्वनाथाष्टकम् ॥ गङ्गातरंगरमणीयजटाकलापं गौरीनिरन्तरविभूषितवामभागम् । नारायणप्रियमनंगमदापहारं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम् ॥1॥ वाचामगोचरमने...

श्री हरि स्तोत्रम्

श्री हरि स्तोत्रम् हिन्दी में   जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं शरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं नभोनीलकायं दुरावारमायं सुपद्मासहायम् भजेऽहं भजेऽहं ॥1 सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्पहासं जगत्सन्निवासं शतादित्यभासं ग...

श्री गंगा मैया

श्री नर्मदा अष्टकम हिन्दी में   ॥ श्री नर्मदा अष्टकम ॥ सबिंदु सिन्धु सुस्खल तरंग भंग रंजितम द्विषत्सु पाप जात जात कारि वारि संयुतम कृतान्त दूत काल भुत भीति हारि वर्मदे त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी...

Jai shri hanuman

जय बजरंगी जय हनुमाना – श्री हनुमान स्तुति हिन्दी में   हनुमानजी स्तुति, जय बजरंगी जय हनुमाना, रुद्र रूप जय जय बलवाना, पवनसुत जय राम दुलारे, संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥ जय वज्रकाय जय राम ...

Saptashloki Durga Stotra

सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्रम् हिन्दी में   ॥ अथ सप्तश्लोकी दुर्गा ॥ शिव उवाच: देवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी । कलौ हि कार्यसिद्ध्यर्थमुपायं ब्रूहि यत्नतः ॥ देव्युवाच: शृणु देव प्रवक्ष्यामि क...