छोटी सी मेरी पार्वती शंकर भजन हिंदी में छोटी सी मेरी पार्वती, शंकर की पूजा करती थी, निर्जल रहकर निश्छल मन से, नित ध्यान प्रभू का धरती थी, छोटी सी मेरी पारवती, शंकर की पूजा करती थी ॥ नित गंगा...
छोटी सी मेरी पार्वती शंकर भजन हिंदी में छोटी सी मेरी पार्वती, शंकर की पूजा करती थी, निर्जल रहकर निश्छल मन से, नित ध्यान प्रभू का धरती थी, छोटी सी मेरी पारवती, शंकर की पूजा करती थी ॥ नित गंगा...
शिव शंकर तुम कैलाशपति भजन हिंदी में शिव शंकर तुम कैलाशपति, है शीश पे गंग विराज रही, शिव शंकर तुम कैलाश-पति, है शीश पे गंग विराज रही ॥ माथे पर चंद्र का मुकुट सजा, और गल सर्पो की माला है,...
ना मन हूँ ना बुद्धि ना चित भजन हिंदी में ना मन हूँ, ना बुद्धि, ना चित अहंकार ना जिव्या नयन नासिका करण द्वार ना मन हूँ, ना बुद्धि, ना चित अहंकार ना जिव्या नयन नासिका करण द्वार ना चलता...
महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल भजन हिंदी में तेरे कलयुग में भी भक्तो ने कमाल कर दिया, हो जय श्री महाकाल के नारे ने धमाल कर दिया, महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया, महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर...
जगदम्बा के दीवानो को दरश भजन हिन्दी में जगदम्बा के दीवानो को, दरश चाहिए, दरश चाहिए, हमें माँ तेरी एक, झलक चाहिए, झलक चाहिए ॥ दया और ममता का मंदिर है तू, तुझे क्या पता कितनी सूंदर है तू, गुलाबों...
बिगड़ी बनाने आजा, एक बार मेरी मैया भजन हिन्दी में फूलों से सजाया है, दरबार मेरी मैया, बिगड़ी बनाने आजा, एक बार मेरी मैया ॥ माँ के दरबार में जो, भक्त सर झुकाते हैं, वो रोते रोते आते, हंसते हुए...
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे भजन हिन्दी में मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे तुम...
कान्हा तेरी कबसे बाट निहारूं भजन हिन्दी में कान्हा तेरी कबसे, बाट निहारूं, बाट निहारू तुझे, पल पल पुकारूँ ॥ बांध ली कान्हा तोसे, प्रीत की डोरी, सुलझे ना मोसे अब, उलझन मोरी, हरदम याद सताती है, अखियां जल बरसाती है,...
छठी माई के घटिया पे छठ गीत हिन्दी में छठी माई के घटिया पे, आजन बाजन, बाजा बजवाईब हो । छठी माई के घटिया पे, आजन बाजन, बाजा बजवाईब हो । गोदीया में होईहे बलकवा, अरघ देवे आईब हो ।...
कांच ही बांस के बहंगिया भजन हिन्दी में कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय बहंगी लचकत जाय होई ना बलम जी कहरिया, बहंगी घाटे पहुंचाय कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय बहंगी लचकत जाय बाट जे...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।