Kai Janmo Se Bula Rahi Hun(कई जन्मों से बुला रही हूँ भजन)

कई जन्मों से बुला रही हूँ भजन हिन्दी में

 

कई जन्मों से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा,
नजरों से नजरें मिला भी ना पाए,
मेरी नजर का कुसूर होगा ।
कई जन्मो से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा ॥

तुम ही तो मेरे मात पिता हो,
तुम ही तो मेरे बंधु सखा हो,
कितने नाते तुम संग जोडे,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा ।
कई जन्मो से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा ॥

तुम ही तो मेरी आत्मा हो,
तुम ही तो मेरे परमात्मा हो,
मुझी में रहकर मुझी से पर्दा,
पर्दा हटाना जरूर होगा ।
कई जन्मो से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा ॥

कभी बुलाते हो वृंदावन में,
कभी बुलाते हो मधुबन में,
अपने घर में रोज बुलाते,
मेरे घर आना जरूर होगा ।
कई जन्मो से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा ॥

आंखों में बस गई तस्वीर तेरी,
दिल मेरा बन गया जागीर तेरी,
दास की विनती तुम्हारे आगे,
दर्श दिखाना जरूर होगा ।
कई जन्मो से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा ॥

कई जन्मों से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा,
नजरों से नजरें मिला भी ना पाए,
मेरी नजर का कुसूर होगा ।
कई जन्मो से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा ॥

***********************************************************************************

Kai Janmo Se Bula Rahi Hun in English

 

Kai Janmon Se Bula Rahi Hun,
Koi to Rishta Jarur Hoga,
Nazron Se Nazren Mila Bhi Na Paye,
Meri Nazar Ka Kusoor Hoga ।
Kai Janmon Se Bula Rahi Hun,
Koi to Rishta Jarur Hoga ॥

Tum Hi to Mere Maat Pita Ho,
Tum Hi to Mere Bandhu Sakha Ho,
Kitane Nate Tum Sang Jode,
Koi to Rishta Jarur Hoga ।
Kai Janmon Se Bula Rahi Hun,
Koi to Rishta Jarur Hoga ॥

Tum Hi to Meri Atma Ho,
Tum Hi to Mere Parmatma Ho,
Mujhi Mein Rehkar Mujhi Se Parda,
Parda Hatana Jarur Hoga ।
Kai Janmon Se Bula Rahi Hun,
Koi to Rishta Jarur Hoga ॥

Kabhi Bulate Ho Vrindavan Mein,
Kabhi Bulate Ho Madhuban Mein,
Apne Ghar Mein Roj Bulate,
Mere Ghar Aana Jarur Hoga ।
Kai Janmon Se Bula Rahi Hun,
Koi to Rishta Jarur Hoga ॥

Ankhon Mein Bas Gai Tasveer Teri,
Dil Mera Ban Gaya Jagir Teri,
Daas Ki Vinti Tumhare Aage,
Darsh Dikhana Jarur Hoga ।
Kai Janmon Se Bula Rahi Hun,
Koi to Rishta Jarur Hoga ॥

Kai Janmon Se Bula Rahi Hun,
Koi to Rishta Jarur Hoga,
Nazron Se Nazren Mila Bhi Na Paye,
Meri Nazar Ka Kusoor Hoga ।
Kai Janmon Se Bula Rahi Hun,
Koi to Rishta Jarur Hoga ॥

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सनातन ज्ञान मंथन परिवार से जुड़े

न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

हाल के पोस्ट

  • All Post
  • आरती संग्रह
  • कथा संग्रह
  • चालीसा संग्रह
  • भजन संग्रह
  • मंत्र संग्रह
  • स्तुति संग्रह
    •   Back
    • भगवान विष्णु कथाएं
    • भगवान शिव कथाएं
    • भगवान ब्रह्मा कथाएं
    • आध्यात्मिक कथाएं
    • देवी माँ कथाएं
    • प्रसिद्ध मंदिर कथाएं
    • भगवान यमराज कथाएं
    • रामायण कथाएं
    • महाभारत कथाएं
    • श्री हनुमान कथाएं
    • श्री कृष्ण कथाएं
    • भगवान श्री गणेश कथाऐ
Edit Template

हमारे बारे में

आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।

Copyrights © Sanatan Gyaan Manthan 2025 | About | Privacy Policy | Terms & Conditions | Managed by Redefine SEO