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मंत्र संग्रह

Sanatan Gyaan Manthan के इस ‘मन्त्र संग्रह’ (Mantra Sangrah) सेक्शन में आपका स्वागत है। सनातन धर्म में मन्त्रों का विशेष महत्व है। मन्त्र केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि ये वे ब्रह्मांडीय ध्वनियाँ हैं जो हमारे मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करने की शक्ति रखती हैं। प्राचीन ऋषियों और मुनियों ने हमें ऐसे दिव्य मन्त्र दिए हैं जिनका सही उच्चारण और जाप करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो सकती हैं। हमारे इस संग्रह में आपको सभी देवी-देवताओं के शक्तिशाली मन्त्र (Powerful Hindu Mantras) विस्तार से मिलेंगे। यहाँ हमने न केवल मन्त्रों के लिरिक्स (Mantra Lyrics) दिए हैं, बल्कि उनके गहरे अर्थ और जाप करने की सही विधि (Mantra Jaap Vidhi) भी साझा की है।

चाहे आप मानसिक शांति के लिए गायत्री मन्त्र (Gayatri Mantra) ढूंढ रहे हों, रोगों से मुक्ति के लिए महामृत्युंजय मन्त्र (Mahamrityunjay Mantra), या फिर सुख-समृद्धि के लिए लक्ष्मी मन्त्र; यहाँ आपको सब कुछ एक ही जगह पर मिलेगा। मन्त्र जाप के लाभ (Benefits of Mantra Chanting): शास्त्रों के अनुसार, मन्त्रों का जाप करने से एकाग्रता बढ़ती है, नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास होता है। हमारे ‘Mantra Sangrah’ में आपको वैदिक मन्त्रों से लेकर बीज मन्त्रों तक की पूरी जानकारी मिलेगी, जो आपकी दैनिक पूजा-पाठ को और भी प्रभावशाली बनाएगी। शुद्ध उच्चारण और सही विधि-विधान के साथ मन्त्रों की शक्ति को अपने जीवन में उतारने के लिए इस पेज को नियमित रूप से पढ़ें। हम यहाँ समय-समय पर नए मन्त्र और उनके रहस्यों को जोड़ते रहते हैं ताकि आपको Shuddh Sanatan Gyaan प्राप्त होता रहे।

कुल 56 पोस्ट

Shri Kalikashtakam (श्री कालिकाष्टकम्)

गलद्रक्तमुण्डावलीकण्ठमालामहोघोररावा सुदंष्ट्रा कराला। विवस्त्रा श्मशानालया मुक्तकेशीमहाकालकामाकुला कालिकेयम्॥1॥ भुजे वामयुग्मे शिरोऽसिं दधानावरं दक्षयुग्मेऽभयं वै तथैव। सुमध्याऽपि तुङ्गस्तनाभारनम्रालसद्रक्तसृक्कद्वया सुस्मितास्या॥2॥ शवद्वन्द्वकर्णावतंसा सुकेशीलसत्प्रेतपाणिं प्रयुक्तैककाञ्ची। शवाकारमञ्चाधिरूढा शिवाभिश्-चतुर्दिक्षुशब्दायमानाऽभिरेजे॥3॥ विरञ्च्यादिदेवास्त्रयस्ते गुणांस्त्रीन्समाराध्य कालीं प्रधाना…

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Navagrah Astotra (नव ग्रह स्तोत्र)

रवि: जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् । तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ॥ १॥ चंद्र: दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम् । नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम् ॥ २॥ मंगळ: धरणीगर्भसंभूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम् । कुमारं…

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Shri Ardhnarishwar Stotram(श्री शङ्कराचार्य कृतं – अर्धनारीनटेश्वर स्तोत्र)

चाम्पेयगौरार्धशरीरकायै कर्पूरगौरार्धशरीरकाय । धम्मिल्लकायै च जटाधराय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥ १ ॥ कस्तूरिकाकुंकुमचर्चितायै चितारजः पुंजविचर्चिताय । कृतस्मरायै विकृतस्मराय नम: शिवायै च नम: शिवाय ॥…

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Alasasya Kutah Vidya(अलसस्य कुतः विद्या) Mantra

अलसस्य कुतः विद्या, अविद्यस्य कुतः धनम्। अधनस्य कुतः मित्रम्अ, मित्रस्य कुतः सुखम् ॥ हिन्दी भावार्थ: आलसी इन्सान को विद्या कहाँ। विद्याविहीन/अनपढ़/मूर्ख को धन कहाँ। धनविहीन/निर्धन को…

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Bhagwan Surya Mantra(सूर्य मंत्र)

रविवार का दिन श्रष्टी के प्रत्यक्ष देव भगवान सूर्य को समर्पित है। इसके साथ-साथ शुद्ध उच्चारण के करते हुए आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ भी अवश्य करना चाहिए।…

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Shankh Poojan Mantra(शंख पूजन मन्त्र)

त्वंपुरा सागरोत्पन्न विष्णुनाविघृतःकरे । देवैश्चपूजितः सर्वथौपाच्चजन्यमनोस्तुते ॥सरल भाव: त्वं पुरा सागरोत्पन्न विष्णुना विधृत: करे । देवैश्चपूजितः सर्वथौ पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते ॥ Shankh Poojan Mantra in English…

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Pitru Stotra (पितृ स्तोत्र)

अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् । नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम् ॥ इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा । सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान् ॥ मन्वादीनां मुनीन्द्राणां सूर्याचन्द्रमसोस्तथा । तान्…

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Pitra Gaytri Mantra(पितृ गायत्री मंत्र)

ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च । नमः स्वाहायै स्वाधायै नित्यमेव नमो नमः ॥ ॐ पितृभ्यो नमः ॥ —–मंत्र का मूल रूप——– ॐ सिद्धमिदमासनमिह सिद्धमित्यभिधाय ॐ…

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Shri Krishna Ashtottara Shatanamavali(श्री कृष्ण के 108 नाम)

श्री कृष्णाष्टोत्तरशत नामावलिः कृष्ण – ॐ कृष्णाय नमः । कमलनाथ – ॐ कमलनाथाय नमः । वासुदेव – ॐ वासुदेवाय नमः । सनातन – ॐ सनातनाय नमः…

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Pati Prapti Parvati Stotra(पति प्राप्ति पार्वती स्तोत्रम्)

॥ जानकीकृतं पार्वतीस्तोत्रम् ॥ जानकी उवाच: शक्तिस्वरूपे सर्वेषां सर्वाधारे गुणाश्रये । सदा शंकरयुक्ते च पतिं देहि नमोsस्तु ते ॥1॥ सृष्टिस्थित्यन्त रूपेण सृष्टिस्थित्यन्त रूपिणी । सृष्टिस्थियन्त बीजानां…

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Lakshmi Sahasra Namavali (श्री लक्ष्मी सहस्रनामावलिः)

॥ अथ श्रीलक्ष्मीसहस्रनामावलिः ॥ ॐ नित्यागतायै नमः । ॐ अनन्तनित्यायै नमः । ॐ नन्दिन्यै नमः । ॐ जनरञ्जिन्यै नमः । ॐ नित्यप्रकाशिन्यै नमः । ॐ स्वप्रकाशस्वरूपिण्यै…

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Shri Brihaspati Stotra (बृहस्पति स्तोत्र)

पीताम्बर: पीतवपु: किरीटी, चतुर्भुजो देवगुरु: प्रशान्त: । दधाति दण्डं च कमण्डलुं च, तथाक्षसूत्रं वरदोsस्तु मह्यम ॥1॥ नम: सुरेन्द्रवन्द्याय देवाचार्याय ते नम: । नमस्त्वनन्तसामर्थ्यं देवासिद्धान्तपारग ॥2॥ सदानन्द…

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