Shri Shani Dev Aarti (श्री शनि देव आरती) with Hindi-English Lyrics

श्री शनि देव की आरती हिन्दी में

आरती कीजै नरसिंह कुंवर की ।
वेद विमल यश गाउँ मेरे प्रभुजी ॥

पहली आरती प्रह्लाद उबारे ।
हिरणाकुश नख उदर विदारे ॥

दुसरी आरती वामन सेवा ।
बल के द्वारे पधारे हरि देवा ॥

तीसरी आरती ब्रह्म पधारे ।
सहसबाहु के भुजा उखारे ॥

चौथी आरती असुर संहारे ।
भक्त विभीषण लंक पधारे ॥

पाँचवीं आरती कंस पछारे ।
गोपी ग्वाल सखा प्रतिपाले ॥

तुलसी को पत्र कंठ मणि हीरा ।
हरषि-निरखि गावे दास कबीरा ॥

****************************************************************************************

Shri Shani Dev Aarti in English

Aarti Keejai Narasinh Kunvar Ki ।
Ved Vimal Yash Gaun Mere Prabhuji ॥

Pahali Aarti Prahlad Ubare ।
Hiranakush Nakh Udar Vidare ॥

Dusari Aarti Vaaman Seva ।
Bal Ke Dware Padhare Hari Deva ॥

Teesari Aarti Brahm Padhare ।
Sahasabahu Ke Bhuja Ukhare ॥

Chauthi Aarti Asur Sanhare ।
Bhakt Vibhishan Lank Padhare ॥

Panchavin Aarti Kans Pachhare ।
Gopi Gwal Sakha Pratipale ॥

Tulasi Ko Patr Kanth Mani Heera ॥
Harashi-Nirakhi Gave Das Kabira ॥

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सनातन ज्ञान मंथन परिवार से जुड़े

न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

हाल के पोस्ट

  • All Post
  • आरती संग्रह
  • कथा संग्रह
  • चालीसा संग्रह
  • भजन संग्रह
  • मंत्र संग्रह
  • स्तुति संग्रह
    •   Back
    • भगवान विष्णु कथाएं
    • भगवान शिव कथाएं
    • भगवान ब्रह्मा कथाएं
    • आध्यात्मिक कथाएं
    • देवी माँ कथाएं
    • प्रसिद्ध मंदिर कथाएं
    • भगवान यमराज कथाएं
    • रामायण कथाएं
    • महाभारत कथाएं
    • श्री हनुमान कथाएं
    • श्री कृष्ण कथाएं
    • भगवान श्री गणेश कथाऐ
Edit Template

हमारे बारे में

आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।

Copyrights © Sanatan Gyaan Manthan 2025 | About | Privacy Policy | Terms & Conditions | Managed by Redefine SEO