श्री विन्ध्येश्वरी जी की आरती हिन्दी में सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल । ले तेरी भेंट चढ़ायो माँ ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ...
श्री विन्ध्येश्वरी जी की आरती हिन्दी में सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल । ले तेरी भेंट चढ़ायो माँ ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ...
श्री सन्तोषी माता आरती हिन्दी में जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता । अपने सेवक जन की, सुख सम्पति दाता ॥ जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता ॥ सुन्दर चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो । हीरा पन्ना दमके,...
एकादशी माता की आरती हिन्दी में ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ ॐ जय एकादशी…॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी। गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में...
श्री भगवद् गीता आरती हिन्दी में जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते । हरि-हिय-कमल-विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते ॥ कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि, कामासक्तिहरा । तत्त्वज्ञान-विकाशिनि, विद्या ब्रह्म परा ॥ जय भगवद् गीते…॥ निश्चल-भक्ति-विधायिनि, निर्मल मलहारी । शरण-सहस्य-प्रदायिनि, सब विधि सुखकारी ॥ जय भगवद् गीते…॥...
माँ महाकाली जी की आरती हिन्दी में जय काली माता, माँ जय महा काली माँ। रतबीजा वध कारिणी माता। सुरनर मुनि ध्याता, माँ जय महा काली माँ॥ दक्ष यज्ञ विदवंस करनी माँ शुभ निशूंभ हरलि। मधु और कैितभा नासिनी माता।...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।