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कान्हा तेरी कबसे बाट निहारूं भजन हिन्दी में कान्हा तेरी कबसे, बाट निहारूं, बाट निहारू तुझे, पल पल पुकारूँ ॥ बांध ली कान्हा तोसे, प्रीत की डोरी, सुलझे ना मोसे अब, उलझन मोरी, हरदम याद सताती है, अखियां जल बरसाती है,...
कान्हा तेरी कबसे बाट निहारूं भजन हिन्दी में कान्हा तेरी कबसे, बाट निहारूं, बाट निहारू तुझे, पल पल पुकारूँ ॥ बांध ली कान्हा तोसे, प्रीत की डोरी, सुलझे ना मोसे अब, उलझन मोरी, हरदम याद सताती है, अखियां जल बरसाती है,...
आरती श्री रामायण जी की हिन्दी में आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद । बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥ शुक सनकादिक शेष अरु शारद । बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।