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माँ सरस्वती चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि । बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि ॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब...
माँ सरस्वती चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि । बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि ॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब...
माँ सरस्वती जी की आरती हिन्दी में जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता । सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥ जय जय सरस्वती माता…॥ चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी । सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥ जय जय सरस्वती...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।