सूर्य स्तुति हिन्दी में दीन-दयालु दिवाकर देवा । कर मुनि, मनुज, सुरासुर सेवा ॥ १ ॥ हिम-तम-करि केहरि करमाली । दहन दोष-दुख-दुरित-रुजाली ॥ २ ॥ कोक-कोकनद-लोक-प्रकासी । तेज -प्रताप-रूप-रस-रासी ॥ ३ ॥ सारथि-पंगु, पंगुदिब्य रथ-गामी । हरि-संकर -बिधि-मूरति स्वामी ॥ ४...