जब भक्त बुलाते हैँ जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥ वो तो दीन और दुःखीओं को ॥ आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ, जब भक्त बुलाते हैँ… द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा,...
जब भक्त बुलाते हैँ जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥ वो तो दीन और दुःखीओं को ॥ आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ, जब भक्त बुलाते हैँ… द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा,...
घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा । घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा ॥ दीवाली का त्यौहार आया, हमने घर को दीपो से सजाया । माँ मेरे घर आना भक्तो को भूल न जाना,...
तर्ज : प्यासे पंछी नील-गगन के रामायण के सात काण्ड में कोई नही है ऐसा सुन्दरकाण्ड के जैसा.. घर घर में गाया जाता है कौनसा ग्रंथ है ऐसा सुन्दरकाण्ड के जैसा.. इतना सरल है हर कोई पड़ले, शास्त्र नहीं कोई...
भक्तों के घर कभी, आजा शेरावाली, कुटिया का मान, बढ़ा जा शेरावाली, भक्तो के घर कभी, आजा शेरावाली ॥ पलकों के आसन पे, तुझको बिठाएंगे, हलवा पूड़ी का मैया, भोग लगाएंगे, भाव का ये भोग, लगा जा शेरावाली, भक्तो के...
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये भजन हिन्दी मे साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार । तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये । तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये...
अम्बे कहा जाये जगदम्बे भजन हिन्दी मे अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये, बोल मेरी मैया तुझे क्या कहा जाये ॥ मैंने सोने का टीका बनवाया, मेरी मय्या को पसन्द नहीं आया, उसे फूलों का टीका पसन्द आया, अम्बे कहा...
आए मैया के नवराते भजन हिन्दी में आए मैया के नवराते, हो रहे घर घर में, हो रहे घर घर में जगराते, रिझाते मैया को, रिझाए मैया को झूमते गाते, गूंज रही भक्तो की, गूंज रही भक्तो की जय जयकार,...
महाकाल बाबा उज्जैन वाले, जीवन मेरा तेरे हवाले, दर दर भटका पड़ गए छाले, मुझको तू उज्जैन बुलाले, मैं तो ना जाऊँ किसी दर पे, तू बुलाले बुलाले बुलाले तू बुलाले, अपने दरबार में तू बुलाले, तू बुलाले बुलाले बुलाले...
शिव शंकर तुम कैलाशपति भजन हिंदी में शिव शंकर तुम कैलाशपति, है शीश पे गंग विराज रही, शिव शंकर तुम कैलाश-पति, है शीश पे गंग विराज रही ॥ माथे पर चंद्र का मुकुट सजा, और गल सर्पो की माला है,...
मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती भजन हिन्दी में मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती, होंठो की हैं थालियां बोल फूल पाती, रोम रोम जिव्हा तेरा नाम पुकारती, आरती ओ मैया आरती, ज्योतावालिये माँ तेरी आरती ॥ हे महालक्ष माँ...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।