जो भजे हरि को सदा, जो भजे हरि को सदा, सोहि परम पद पायेगा सोहि परम पद पायेगा देह के माला, तिलक और भस्म, नहिं कुछ काम के प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा सोहि परम पद...
जो भजे हरि को सदा, जो भजे हरि को सदा, सोहि परम पद पायेगा सोहि परम पद पायेगा देह के माला, तिलक और भस्म, नहिं कुछ काम के प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा सोहि परम पद...
आए मैया के नवराते भजन हिन्दी में आए मैया के नवराते, हो रहे घर घर में, हो रहे घर घर में जगराते, रिझाते मैया को, रिझाए मैया को झूमते गाते, गूंज रही भक्तो की, गूंज रही भक्तो की जय जयकार,...
महाकाल बाबा उज्जैन वाले, जीवन मेरा तेरे हवाले, दर दर भटका पड़ गए छाले, मुझको तू उज्जैन बुलाले, मैं तो ना जाऊँ किसी दर पे, तू बुलाले बुलाले बुलाले तू बुलाले, अपने दरबार में तू बुलाले, तू बुलाले बुलाले बुलाले...
तोरे ऊंचे भुवन बने मात भजन हिन्दी में तोरे ऊंचे भुवन बने मात भवानी, मोर नचत है बागों में ॥ माँ के मंदिर पे कंचन कलश धरे, वहां चन्दन के जड़े है किवाड़ भवानी, मोर नचत है बागों में ॥...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।