तर्ज : प्यासे पंछी नील-गगन के रामायण के सात काण्ड में कोई नही है ऐसा सुन्दरकाण्ड के जैसा.. घर घर में गाया जाता है कौनसा ग्रंथ है ऐसा सुन्दरकाण्ड के जैसा.. इतना सरल है हर कोई पड़ले, शास्त्र नहीं कोई ऐस...
भक्तों के घर कभी, आजा शेरावाली, कुटिया का मान, बढ़ा जा शेरावाली, भक्तो के घर कभी, आजा शेरावाली ॥ पलकों के आसन पे, तुझको बिठाएंगे, हलवा पूड़ी का मैया, भोग लगाएंगे, भाव का ये भोग, लगा जा शेरावाली, भक्तो क...
छोटे छोटे घुँगरू छोटे छोटे पाँव, छम छम नाचे देखो वीर हनुमान ॥ राम जी की भक्ति राम जी का ध्यान, सबसे बुलाये देखो राम राम राम। छोटे छोटे घुँगरू छोटे छोटे पाँव, छम छम नाचे देखो वीर हनुमान ॥ राम जी का सेव...
महाकाल बाबा उज्जैन वाले, जीवन मेरा तेरे हवाले, दर दर भटका पड़ गए छाले, मुझको तू उज्जैन बुलाले, मैं तो ना जाऊँ किसी दर पे, तू बुलाले बुलाले बुलाले तू बुलाले, अपने दरबार में तू बुलाले, तू बुलाले बुलाले ब...
बिगड़ी बनाने आजा, एक बार मेरी मैया भजन हिन्दी में फूलों से सजाया है, दरबार मेरी मैया, बिगड़ी बनाने आजा, एक बार मेरी मैया ॥ माँ के दरबार में जो, भक्त सर झुकाते हैं, वो रोते रोते आते, हंसते हुए जाते है,...
भक्तों के घर कभी आजा भजन हिन्दी में भक्तों के घर कभी, आजा शेरावाली, कुटिया का मान, बढ़ा जा शेरावाली, भक्तो के घर कभी, आजा शेरावाली ॥ पलकों के आसन पे, तुझको बिठाएंगे, हलवा पूड़ी का मैया, भोग लगाएंगे, भाव...








