No Comments
राम बिना नर ऐसे जैसे, अश्व लगाम बिना । जल जाये जिह्वा पापिनी, राम के बिना । जल जाये जिह्वा पापिनी, राम के बिना । क्षत्रिय आन बिना, ब्रह्मणज्ञान बिना, घर संतान बिना । देहप्रान बिना, हाथ दान बिना, भोजन...
राम बिना नर ऐसे जैसे, अश्व लगाम बिना । जल जाये जिह्वा पापिनी, राम के बिना । जल जाये जिह्वा पापिनी, राम के बिना । क्षत्रिय आन बिना, ब्रह्मणज्ञान बिना, घर संतान बिना । देहप्रान बिना, हाथ दान बिना, भोजन...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।