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काँच ही बाँस बसहर घरवा छठ गीत हिन्दी में काँच ही बाँस बसहर घरवा, हे कदम जुड़े गाछ, हे कदम जुड़े गाछ । काँच ही बाँस बसहर घरवा, हे कदम जुड़ गाछ, हे कदम जुड़ गाछ । ताही बसहर सुतेले...
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कांच ही बांस के बहंगिया भजन हिन्दी में कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय बहंगी लचकत जाय होई ना बलम जी कहरिया, बहंगी घाटे पहुंचाय कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय बहंगी लचकत जाय बाट जे...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।