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कृष्ण कन्हैया आज तुम्हारे, हाथ में राखी भजन हिन्दी में कृष्ण कन्हैया आज तुम्हारे, हाथ में राखी बांधूंगी, प्रेम भाव के सिवा कन्हैया, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी ॥ इस राखी के तार तार में, प्यार छुपा...
कृष्ण कन्हैया आज तुम्हारे, हाथ में राखी भजन हिन्दी में कृष्ण कन्हैया आज तुम्हारे, हाथ में राखी बांधूंगी, प्रेम भाव के सिवा कन्हैया, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी ॥ इस राखी के तार तार में, प्यार छुपा...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।