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मैं परदेशी हूँ पहली बार भजन हिन्दी में मैं परदेशी हूँ पहली बार आया हूँ, दर्शन करने मइया के दरबार आया हूँ । ऐ लाल चुनरिया वाली बेटी ये तो बताओ माँ के भवन जाने का रास्ता किधर से है...
मैं परदेशी हूँ पहली बार भजन हिन्दी में मैं परदेशी हूँ पहली बार आया हूँ, दर्शन करने मइया के दरबार आया हूँ । ऐ लाल चुनरिया वाली बेटी ये तो बताओ माँ के भवन जाने का रास्ता किधर से है...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।