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ओ राही रुक जाना, जहाँ चितचोर बसे भजन हिन्दी में ओ राही रुक जाना, जहाँ चितचोर बसे, उस राह पे मत जाना ॥ मोहन बड़ा छलिया है, मोहन बड़ा छलिया है, सर पे मोर मुकुट, हाथों में मुरलिया है, ओ...
ओ राही रुक जाना, जहाँ चितचोर बसे भजन हिन्दी में ओ राही रुक जाना, जहाँ चितचोर बसे, उस राह पे मत जाना ॥ मोहन बड़ा छलिया है, मोहन बड़ा छलिया है, सर पे मोर मुकुट, हाथों में मुरलिया है, ओ...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।