दोहा – भस्म रमाए बैठे है शंकर, सज धज के दरबार, कावड़िया ले आओ कावड़, राह तके सरकार ॥ कावड़िया ले चल गंग की धार, जहाँ बिराजे भोले दानी, करके अनोखा श्रृंगार, कावड़ियां ले चल गंग की धार ॥ अंग भभुति रमाए ...
श्री गंगा मैया आरती हिन्दी में नमामि गंगे ! तव पाद पंकजम्, सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम् । भक्तिम् मुक्तिं च ददासि नित्यं, भावानुसारेण सदा नराणाम् ॥ हर हर गंगे, जय माँ गंगे, हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥ ॐ ...





