कान्हा तेरी कबसे बाट निहारूं भजन हिन्दी में कान्हा तेरी कबसे, बाट निहारूं, बाट निहारू तुझे, पल पल पुकारूँ ॥ बांध ली कान्हा तोसे, प्रीत की डोरी, सुलझे ना मोसे अब, उलझन मोरी, हरदम याद सताती है, अखियां ज...
आरती श्री रामायण जी की हिन्दी में आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद । बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥ शुक सनकादिक शेष अरु शारद । बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥ ॥ आरती श...





