Alasasya Kutah Vidya (अलसस्य कुतः विद्या) Mantra

अलसस्य कुतः विद्या,
अविद्यस्य कुतः धनम्।
अधनस्य कुतः मित्रम्अ,
मित्रस्य कुतः सुखम् ॥

हिन्दी भावार्थ:

आलसी इन्सान को विद्या कहाँ।
विद्याविहीन/अनपढ़/मूर्ख को धन कहाँ।
धनविहीन/निर्धन को मित्र कहाँ।
और मित्रविहीन/अमित्र को सुख कहाँ।

Alasasya Kutah Vidya

Alasasya Kutah Vidya,
Avidyasya Kutah Dhanam ।
Adhanasya Kutah Mitram,
Amitrasya Kutah Sukham ॥

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सनातन ज्ञान मंथन परिवार से जुड़े

न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

हाल के पोस्ट

  • All Post
  • आरती संग्रह
  • कथा संग्रह
  • चालीसा संग्रह
  • भजन संग्रह
  • मंत्र संग्रह
  • स्तुति संग्रह
    •   Back
    • भगवान विष्णु कथाएं
    • भगवान शिव कथाएं
    • भगवान ब्रह्मा कथाएं
    • आध्यात्मिक कथाएं
    • देवी माँ कथाएं
    • प्रसिद्ध मंदिर कथाएं
    • भगवान यमराज कथाएं
    • रामायण कथाएं
    • महाभारत कथाएं
    • श्री हनुमान कथाएं
    • श्री कृष्ण कथाएं
    • भगवान श्री गणेश कथाऐ
Edit Template

हमारे बारे में

आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।

Copyrights © Sanatan Gyaan Manthan | About | Privacy Policy | Terms & Conditions | Managed by Redefine SEO