
अपने रंग रंगलो गजानन भजन हिन्दी में अपने रंग रंगलो गजानन, दिल तुम्हारा हो गया, दिल तुम्हारा हो गया देवा, दिल तुम्हारा हो गया, कुछ रहा ना मुझ में मेरा, सब तुम्हारा हो गया, अपने रंग रंगलों गजानन, दिल तुम्हारा हो गया ॥ हर तरफ काली...

अपने रंग रंगलो गजानन भजन हिन्दी में अपने रंग रंगलो गजानन, दिल तुम्हारा हो गया, दिल तुम्हारा हो गया देवा, दिल तुम्हारा हो गया, कुछ रहा ना मुझ में मेरा, सब तुम्हारा हो गया, अपने रंग रंगलों गजानन, दिल तुम्हारा हो गया ॥ हर तरफ काली...

हर महादेव आरती: सत्य, सनातन, सुंदर हिन्दी में सत्य, सनातन, सुंदर, शिव! सबके स्वामी । अविकारी, अविनाशी, अज, अंतर्यामी ॥ ॐ हर हर हर महादेव..॥ आदि अनंत, अनामय, अकल, कलाधारी । अमल, अरूप, अगोचर, अविचल अघहारी ॥ ॐ हर हर हर महादेव..॥ ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर, तुम...

अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती हिन्दी में अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली । तेरे ही गुण गाये भारती, ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ तेरे भक्त जनो पर, भीर पडी है भारी माँ । दानव दल पर टूट पडो, माँ...

श्री सूर्य देव – ऊँ जय सूर्य भगवान जी की आरती हिन्दी में ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥ सारथी अरूण...

परिवर्तिनी/वामन एकादशी व्रत कथा हिंदी में परिवर्तिनी (पार्श्व /वामन) एकादशी का महत्त्व युधिष्ठिर ने कहा हे भगवान! आपने भाद्रपद कृष्ण एकादशी अर्थात अजा एकादशी का सविस्तार वर्णन सुनाया। अब आप कृपा करके मुझे भाद्रपद शुक्ल एकादशी का क्या नाम, इसकी विधि तथा इसका माहात्म्य कहिए। तब...

श्री सत्यनारायण जी आरती हिन्दी में जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्न जडि़त सिंहासन, अद्भुत छवि राजै । नारद करत निराजन, घण्टा ध्वनि बाजै ॥ ॐ जय लक्ष्मी...

जय जय तुलसी माता जी की आरती हिन्दी में जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता । सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता ॥ ॥ जय तुलसी माता…॥ सब योगों से ऊपर, सब रोगों से ऊपर । रज से रक्ष करके, सबकी भव त्राता ॥...

अनंत चतुर्दशी की पौराणिक कथा एक बार महाराज युधिष्ठिर ने राजसूय यज्ञ किया। उस समय यज्ञ मंडप का निर्माण सुंदर तो था ही, अद्भुत भी था वह यज्ञ मंडप इतना मनोरम था कि जल व थल की भिन्नता प्रतीत ही नहीं होती थी। जल में स्थल...

मन चल रे वृन्दावन धाम भजन हिन्दी में मन चल रे वृन्दावन धाम, राधे राधे गाएंगे, ओ राधे राधे गाएंगे, राधे राधे गाएंगे, तेरा कोड़ी लगे न च दाम, राधे राधे गाएंगे ॥ वृन्दावन में बाँके बिहारी, ओढ़ के बैठ्यो कांवलिया काली, तुझे वही पे...

आरती श्री कुंजबिहारी की हिन्दी में आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला । गगन सम अंग कांति...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।