
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा – भजन हिन्दी में राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा, श्याम देखा, घनश्याम देखा, ओ बंसी बजाते हुए, ओराधा तेरा श्याम देखा ॥ राधा तेरा श्याम हमने मथुरा मैं देखा, बंसी बजाते हुए, ओराधा तेरा...

राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा – भजन हिन्दी में राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा, श्याम देखा, घनश्याम देखा, ओ बंसी बजाते हुए, ओराधा तेरा श्याम देखा ॥ राधा तेरा श्याम हमने मथुरा मैं देखा, बंसी बजाते हुए, ओराधा तेरा...

मेरा मन पंछी ये बोले, उड़ वृन्दावन जाऊँ भजन हिन्दी में मेरा मन पंछी ये बोले, उड़ वृन्दावन जाऊँ, बृज की लता पता में, मैं राधे-राधे गाऊँ, मैं राधे-राधे गाऊँ, श्यामा-श्यामा गाऊँ ॥ वृन्दावन की महिमा प्यारे, कोई ना जाने, प्रेम नगरिया मनमोहन की, प्रेमी...

आयी बरसाने वाली है आयी भजन हिन्दी में आयी बरसाने वाली है आयी, रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥ देखो टोली है सखियों के संग में, छाई मस्ती है हर अंग अंग में, राधा कान्हा को देख मुस्काई, रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥ कैसा...

आरती श्री वृषभानुसुता – राधा आरती हिन्दी में आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥ त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेकविराग विकासिनि । पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि, सुन्दरतम छवि सुन्दरता की ॥ ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥ मुनि मन मोहन मोहन मोहनि,...

श्री भगीरथ नन्दिनि गंगा माता स्तुति हिन्दी में जय जय भगीरथ नन्दिनि, मुनि-चय चकोर-चन्दनि, नर-नाग-बिबुध-बन्दिनि जय जहनु बालिका । बिस्नु-पद-सरोजजासि, ईस-सीसपर बिभासि, त्रिपथ गासि, पुन्रूरासि, पाप-छालिका ॥ बिमल बिपुल बहसि बारि, सीतल त्रयताप-हारि, भँवर बर, बिभंगतर तरंग-मालिका । पुरजन पूजोपहार, सोभित ससि धवलधार, भंजन भव-भार, भक्ति-कल्पथालिका...

आरती श्री रामायण जी की हिन्दी में आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद । बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥ शुक सनकादिक शेष अरु शारद । बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥ ॥ आरती श्री रामायण जी की..॥...

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम् हिन्दी में निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी, धरा विघात हारिणी । गृहे-गृहे निवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ दरिद्र दुःख हारिणी, सदा विभूति कारिणी । वियोग शोक हारिणी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ लसत्सुलोल लोचनं, लतासनं...

माँ महाकाली चालीसा- जय काली कंकाल मालिनी! हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय जय सीताराम के मध्यवासिनी अम्ब, देहु दर्श जगदम्ब अब करहु न मातु विलम्ब ॥ जय तारा जय कालिका जय दश विद्या वृन्द, काली चालीसा रचत एक सिद्धि कवि हिन्द ॥ प्रातः काल उठ...

गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान भजन हिन्दी में गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान, करता है सबसे पहले, पूजा तेरी जहान, गौरी के लाडले, महिमा तेरी महान ॥ चंदन चौकी पे बिराजे, दाता गजशिश धारी, शीश स्वर्ण मुकुट, गले मोतियन माला प्यारी, रिद्धि सिद्धि अंग...

श्री तुलसी माता आरती – महारानी नमो-नमो हिन्दी में तुलसी महारानी नमो-नमो, हरि की पटरानी नमो-नमो । धन तुलसी पूरण तप कीनो, शालिग्राम बनी पटरानी । जाके पत्र मंजरी कोमल, श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥ धूप-दीप-नवैद्य आरती, पुष्पन की वर्षा बरसानी । छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन,...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।