ब्रह्माजी का एक ही मंदिर क्यों हैं संसार के रचयिता माने जाने वाले भगवान ब्रह्मा की देवता होने के बाद भी पूजा क्यों नही की जाती? आखिर क्यों पूरे भारत में ब्रह्मा जी का है केवल एक ही मंदिर? क्या है इसके...
काल भैरव जन्म कथा – काल भैरव की उत्पत्ति कथा अगहन या मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के अंश काल भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इस तिथि को काल भैरव जयंती के रूप में मनाया जाता ...
कुरु वंश क संस्थापक सवर्ण की कहानी कुरुवंश की उत्पत्ति: पुराणो के अनुसार ब्रह्मा जी से अत्रि, अत्रि से चन्द्रमा, चन्द्रमा से बुध, और बुध से इलानन्दन पुरूरवा का जन्म हुआ। पुरूरवा से आयु, आयु से राजा नह...
संतोषी माता व्रत कथा हिन्दी में एक बुढ़िया थी, उसके सात बेटे थे। 6 कमाने वाले थे जबकि एक निक्कमा था। बुढ़िया छहों बेटों की रसोई बनाती, भोजन कराती और उनसे जो कुछ जूठन बचती वह सातवें को दे देती। एक दिन वह...
श्री लक्ष्मी माता की आरती हिन्दी में महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि । हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं...
॥ अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा ॥ भारतवर्ष में एक प्रतापी और दानी राजा राज्य करता था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों की सहायता करता था। यह बात उसकी रानी को अच्छी नहीं लगती थी, वह न ही गरीबों को दान देती...
मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार भजन हिन्दी में मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार, नजर तोहे लग जाएगी । तेरी सुरतिया पे मन मोरा अटका । प्यारा लागे तेरा पीला पटका । त...
श्री कार्तिकेय आरती हिन्दी में जय जय आरती वेणु गोपाला वेणु गोपाला वेणु लोला पाप विदुरा नवनीत चोरा जय जय आरती वेंकटरमणा वेंकटरमणा संकटहरणा सीता राम राधे श्याम जय जय आरती गौरी मनोहर गौरी मनोहर भवानी शंक...
श्री गायत्री माता आरती हिन्दी में जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता । सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता ॥ ॥ जयति जय गायत्री माता..॥ आदि शक्ति तुम अलख निरंजन जगपालक कर्त्री । दु:ख शोक, भय,...
श्री सिद्धिविनायक आरती – जय देव जय देव हिन्दी में सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची । नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची । सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची । कंठी झलके माल मुकताफळांची । जय देव जय देव...










