
राधिका गोरी से बिरज की छोरी से हिन्दी भजन में राधिका गोरी से बिरज की छोरी से, मैया करादे मेरो ब्याह उम्र तेरी छोटी है, नज़र तेरी खोटी है, कैसे करादू तेरो ब्याह जो नहीं ब्याह कराये, तेरी गैया नहीं चराऊ आज के बाद मेरी...

राधिका गोरी से बिरज की छोरी से हिन्दी भजन में राधिका गोरी से बिरज की छोरी से, मैया करादे मेरो ब्याह उम्र तेरी छोटी है, नज़र तेरी खोटी है, कैसे करादू तेरो ब्याह जो नहीं ब्याह कराये, तेरी गैया नहीं चराऊ आज के बाद मेरी...

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी भजन हिन्दी में इक दिन वो भोले भंडारी, बन करके ब्रज की नारी, ब्रज/वृंदावन* में आ गए । पार्वती भी मना के हारी, ना माने त्रिपुरारी, ब्रज में आ गए । पार्वती से बोले, मैं...

आओ आओ कान्हा आया, राखी का त्यौहार भजन हिन्दी में आओ आओ कान्हा आया, राखी का त्यौहार, याद करे तेरी बहना तुझको, जग के पालनहार, आओ आओ नन्द कुमार, आओ आओ कान्हां आया, राखी का त्यौहार ॥ मेरा तो बस एक है भाई, वो हो...

श्री विश्वकर्मा आरती हिन्दी में जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा ॥ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । आदि सृष्टि मे विधि को, श्रुति उपदेश दिया । जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास किया...

माँ सरस्वती चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि । बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि ॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु ॥ ॥ चालीसा ॥ जय...

सूर्य स्तुति हिन्दी में दीन-दयालु दिवाकर देवा । कर मुनि, मनुज, सुरासुर सेवा ॥ १ ॥ हिम-तम-करि केहरि करमाली । दहन दोष-दुख-दुरित-रुजाली ॥ २ ॥ कोक-कोकनद-लोक-प्रकासी । तेज -प्रताप-रूप-रस-रासी ॥ ३ ॥ सारथि-पंगु, पंगुदिब्य रथ-गामी । हरि-संकर -बिधि-मूरति स्वामी ॥ ४ ॥ बेद पुरान प्रगट जस जागै...

लिङ्गाष्टकम् हिन्दी में ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥२॥ सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम् । सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥३॥ कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम् । दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥४॥ कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम् । सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥५॥ देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च...

कृपालु बड़े हैं श्री श्याम सुन्दर भजन हिन्दी में कृपालु बड़े हैं श्री श्याम सुन्दर, कृपालु कृपा की बरसात कर दे, इनके हृदय में प्रेम भरा है, भगवन सबों से प्रेम है करते, कृपालु बड़े है श्रीं श्याम सुन्दर, कृपालु कृपा की बरसात कर दे...

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया भजन हिन्दी में जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया, सबको बहुत बधाई है, बहुत बधाई है, सबको बहुत बधाई है, जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया, सबको बहुत बधाई है ॥ मात-पिता को सब समझाया, मैं हू लीला करने आया, जैसा कहु...

लल्ला की सुन के मै आयी यशोदा भजन हिन्दी में लल्ला की सुन के मै आयी, यशोदा मैया देदो बधाई, कान्हा की सुनके मै आयी, यशोदा मैया देदो बधाई, लाला जनम सुन आयी, यशोदा मैया देदो बधाई । देदो बधाई मैया देदो बधाई, लल्ला की सुन के...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।