
पौराणिक कथायों के अनुसार भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी का धाम वैकुण्ठ लोक में है| एक कथा के अनुसार एक बार भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी अपने धाम वैकुण्ठ लोक में बैठे वार्तालाप कर रहे थे| उसी समय रेवंत का वहां आगमन हुआ| रेवंत वहां पर...

पौराणिक कथायों के अनुसार भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी का धाम वैकुण्ठ लोक में है| एक कथा के अनुसार एक बार भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी अपने धाम वैकुण्ठ लोक में बैठे वार्तालाप कर रहे थे| उसी समय रेवंत का वहां आगमन हुआ| रेवंत वहां पर...

सनातन हिंदू धर्म में ‘गणेश चतुर्थी’’ का बड़ा महत्व है। हर साल समूचे देश में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लाष के साथ मनाया जाता है। शास्त्रों के मुताबिक, चतुर्थी तिथि बुद्धि और शुभता के देव भगवान श्रीगणेश को समर्पित...

एक बार नारद जी को यह अभिमान हो गया कि उसने बढ़कर इस पृथ्वी पर कोई दूसरा भगवान विष्णु का भक्त नहीं है। उनका व्यवहार भी इस भावना से प्रेरित होकर कुछ बदलने लगा। वे भगवान के गुणों का गान करने के साथ-साथ अपने सेवा कार्यों का...

श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का भजन हिन्दी में श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है । गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्यारा नाम है ॥ मोर मुकुट सर गल बन माला, केसर तिलक लगाए,...

श्री शीतला माता की आरती हिन्दी में जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता । आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता ॥ ॐ जय शीतला माता..॥ रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भाता । ऋद्धि-सिद्धि चँवर ढुलावें, जगमग छवि छाता ॥ ॐ जय शीतला माता, मैया...

श्री खाटू श्याम चालीसा, खाटू धाम सीकर हिन्दी में ॥ दोहा॥ श्री गुरु पदरज शीशधर प्रथम सुमिरू गणेश ॥ ध्यान शारदा ह्रदयधर भजुँ भवानी महेश ॥ चरण शरण विप्लव पड़े हनुमत हरे कलेश । श्याम चालीसा भजत हुँ जयति खाटू नरेश ॥ ॥ चौपाई ॥ वन्दहुँ...

श्री गोरक्ष चालीसा – गोरखनाथ मठ हिन्दी में दोहा- गणपति गिरिजा पुत्र को, सिमरूँ बारम्बार । हाथ जोड़ विनती करूँ, शारद नाम अधार । । चौपाई- जय जय जय गोरख अविनाशी, कृपा करो गुरुदेव प्रकाशी । जय जय जय गोरख गुणज्ञानी, इच्छा रूप योगी वरदानी ।...

शम्भु स्तुति – नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं हिन्दी में नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं नमामि सर्वज्ञमपारभावम् । नमामि रुद्रं प्रभुमक्षयं तं नमामि शर्वं शिरसा नमामि ॥१॥ नमामि देवं परमव्ययंतं उमापतिं लोकगुरुं नमामि । नमामि दारिद्रविदारणं तं नमामि रोगापहरं नमामि ॥२॥ नमामि कल्याणमचिन्त्यरूपं नमामि विश्वोद्ध्वबीजरूपम् । नमामि विश्वस्थितिकारणं...

नृसिंह भगवान आरती हिन्दी में पढ़ें नमस्ते नरसिंहाय प्रह्लादाह्लाद-दायिने हिरण्यकशिपोर्वक्षः- शिला-टङ्क-नखालये इतो नृसिंहः परतो नृसिंहो यतो यतो यामि ततो नृसिंहः बहिर्नृसिंहो हृदये नृसिंहो नृसिंहमादिं शरणं प्रपद्ये तव करकमलवरे नखमद्भुत-शृङ्गं दलितहिरण्यकशिपुतनुभृङ्गम् केशव धृतनरहरिरूप जय जगदीश हरे । ***************************************************************************** Shri Narasimha Bhagwan Aarti in English Namaste Narasimhaya Prahladahlada-dayine...

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल भजन हिन्दी में छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल । बीच में मेरो...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।