laddu gopal

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला भजन हिन्दी में   छंद: भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा, निज आयुध भुजचारी । भूषन बनमा...

shri krishna

श्री कृष्ण चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम । अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम ॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज । जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज ॥...

laxmi narayan

श्री लक्ष्मी नारायण स्तोत्रम् हिन्दी में   श्रीनिवास जगन्नाथ श्रीहरे भक्तवत्सल । लक्ष्मीपते नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात् ॥१॥ राधारमण गोविंद भक्तकामप्रपूरक । नारायण नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागर...

Shri Ganga Stuti

श्री गंगा स्तोत्रम् हिन्दी में   श्री गंगा जी की स्तुति गांगं वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम् । त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम् ॥ माँ गंगा स्तोत्रम्॥ देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारि...

gaumata

श्री गौमाता जी की आरती हिन्दी में आरती श्री गैय्या मैंय्या की, आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनि, अविचल अमल मुक्तिपददायिनि । सुर मानव सौभाग्य विधायिनि, प्यारी पूज्य नंद छैय्या की ...

Shri krishna

बड़ा नटखट है रे, कृष्ण कन्हैया भजन हिन्दी में   बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया का करे यशोदा मैय्या हाँ॥ बड़ा नटखट है रे…॥ ढूंढें री अखियाँ उसे चहू ओर जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर॥ ढूंढें री अख...

Shri krishna

गोविंदा आला रे आला.. भजन हिन्दी में   गोविंदा आला रे आला ज़रा मटकी सम्भाल बृजबाला अरे एक दो तीन चार संग पाँच छः सात हैं ग्वाला ॥ गोविंदा आला रे…॥ आई माखन के चोरों की सेना ज़रा बच के सम्भल क...

Tulsi Mata Aarti

श्री तुलसी चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी । नमो नमो हरि प्रेयसी श्री वृन्दा गुन खानी ॥ श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब । जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब ॥ ॥ चौ...

Jai Shri Ram

श्री राम स्तुति – नमामि भक्त वत्सलं हिन्दी में   नमामि भक्त वत्सलं । कृपालु शील कोमलं ॥ भजामि ते पदांबुजं । अकामिनां स्वधामदं ॥ निकाम श्याम सुंदरं । भवाम्बुनाथ मंदरं ॥ प्रफुल्ल कंज लोचनं । ...

सूर्य भगवान जी

श्री सूर्य देव – जय जय रविदेव आरती हिन्दी में जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव । रजनीपति मदहारी, शतलद जीवन दाता ॥ पटपद मन मदुकारी, हे दिनमण दाता । जग के हे रविदेव, जय जय जय स्वदेव ॥ नभ मंडल के व...

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