अन्नपूर्णा माता

अन्नपूर्णा माता आरती हिन्दी में बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम । जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम । अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम ॥ बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प...

Narmada Maiyaa

नर्मदा मैया की आरती हिन्दी में ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी । ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा शिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥ ॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ देवी नारद सारद तुम वरदायक, अभिनव पदण्डी । सुर नर मुनि ज...

श्री ब्रह्मा

श्री ब्रह्मा चालीसा हिंदी में ॥ दोहा॥ जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू, चतुरानन सुखमूल। करहु कृपा निज दास पै, रहहु सदा अनुकूल। तुम सृजक ब्रह्माण्ड के, अज विधि घाता नाम। विश्वविधाता कीजिये, जन पै कृपा ललाम। ॥ चौ...

shri jhulelal

श्री झूलेलाल चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय जय जल देवता, जय ज्योति स्वरूप । अमर उडेरो लाल जय, झुलेलाल अनूप ॥ ॥ चौपाई ॥ रतनलाल रतनाणी नंदन । जयति देवकी सुत जग वंदन ॥ दरियाशाह वरुण अवतारी । जय जय लाल साई...

Jai Shri Ram

रघुवर श्री रामचन्द्र जी आरती हिन्दी में आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥ दशरथ तनय कौशल्या नन्दन, सुर मुनि रक्षक दैत्य निकन्दन॥ अनुगत भक्त भक्त उर चन्दन, मर्यादा पुरुषोत्तम वर की...

Shri Krishna

बोल कन्हैया बोल भजन हिन्दी में   ॥ दोहा ॥ वा रे लाला नन्द का, तूने जनम चराई ढोर, प्रीत कदे जाणी नहीं, तूने खायो माखन चोर ॥ बोल कन्हैया बोल बोल कन्हैया बोल तु तो , जेल में जन्मियो, ना रे ना मे तो ...

Shri Vindhyeshwari Mata

श्री विन्ध्येश्वरी जी की आरती हिन्दी में सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल । ले तेरी भेंट चढ़ायो माँ ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥...

Shri radha Rani

श्री राधा चालीसा हिन्दी में ॥दोहा ॥ श्री राधे वुषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार । वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रानावौ बारम्बार ॥ जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिय सुखधाम । चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम ॥ ॥ चौप...

Shri Chitragupt

भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती ॐ जय चित्रगुप्त हरे, स्वामीजय चित्रगुप्त हरे । भक्तजनों के इच्छित, फलको पूर्ण करे॥ विघ्न विनाशक मंगलकर्ता, सन्तनसुखदायी । भक्तों के प्रतिपालक, त्रिभुवनयश छायी ॥ ॐ जय च...

Shri Yugal Kishore

आरती युगलकिशोर की कीजै हिन्दी में आरती युगलकिशोर की कीजै । तन मन धन न्योछावर कीजै ॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै । हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥ रवि शशि कोटि बदन की शोभा । ताहि निरखि मेरो मन लोभा ॥ ओढ़े नील पी...

1...4748495051...56