Prachin kal mein Devi Ahilya ke pati Gautam Rishi Brahmagiri parvat par rahkar tapasya karte the. Us kshetra mein kai rishi-muni the jo Gautam Rishi se irshya karte the aur unhein apmanit karne ki koshish karte the. Ek din sabhi...
Prachin kal mein Devi Ahilya ke pati Gautam Rishi Brahmagiri parvat par rahkar tapasya karte the. Us kshetra mein kai rishi-muni the jo Gautam Rishi se irshya karte the aur unhein apmanit karne ki koshish karte the. Ek din sabhi...
नंदी बैल की कहानी पवित्र बैल नंदी या निर्माता नंदी को हिंदू शिव मंदिरों में एक मूर्ति के रूप में रखा जाता है क्योंकि वह हिंदू भगवान शिव के वाहन और द्वारपाल हैं। नंदी की पूजा के कारण बैल को...
Bholenath ko Ketaki ka Phool Kyo Nahi Chadaya Jata Bhagwan Bholenath ko kuchh cheejen kabhi bhi pradan nahin ki jati hain, jaise ki laal phool Shivling par nahin chadhaye jate hain. Bhagwan Shiv par hamesha safed phool arpit kiye jate...
भारत में भगवान शिव को भगवान के रूप में पूजा जाता है और देवी पार्वती को माँ के रूप में समर्पित किया जाता है। भगवान शिव को “देवों के देव” के रूप में जाना जाता है। उनके अन्य नाम महादेव,...
सोमवार व्रत कथा हिंदी में किसी नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर के सभी लोग उस व्यापारी का सम्मान करते थे। इतना सब कुछ संपन्न होने के बाद भी वह व्यापारी...
बुध प्रदोष व्रत कथा हिंदी में वार के अनुसार जो प्रदोष व्रत करते हैं, उसी के अनुरूप उसका फल प्राप्त होता है। प्रदोष अथवा त्रयोदशी का व्रत मनुष्य को संतोषी एवं सुखी बनाता है। बुध त्रयोदशी प्रदोष व्रत करने से...
काल भैरव जन्म कथा – काल भैरव की उत्पत्ति कथा अगहन या मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के अंश काल भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इस तिथि को काल भैरव जयंती के रूप में...
आपका स्वागत है ‘सनातन ज्ञान मंथन’ वेबसाइट पर! यहां, हम आपको प्राचीन भारतीय साहित्य के मूल्यवान गहनों से परिचित कराएंगे। हमारी धरोहर में सीता-राम, कृष्ण-बालराम, और अर्जुन-कर्ण की अद्भुत कहानियों से लेकर महाभारत और रामायण के अनकहे पहलू तक कई रहस्यमयी कथाएं और ज्ञान छिपा है।