सोमवार व्रत कथा हिंदी में किसी नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर के सभी लोग उस व्यापारी का सम्मान करते थे। इतना सब कुछ संपन्न होने के बाद भी वह व्यापारी बहुत दु...
बुध प्रदोष व्रत कथा हिंदी में वार के अनुसार जो प्रदोष व्रत करते हैं, उसी के अनुरूप उसका फल प्राप्त होता है। प्रदोष अथवा त्रयोदशी का व्रत मनुष्य को संतोषी एवं सुखी बनाता है। बुध त्रयोदशी प्रदोष व्रत कर...
वामन अवतार की पौराणिक कथा एक बार भक्त शिरोमणि प्रह्लाद के पौत्र दैत्यराज बलि ने इंद्र को परास्त कर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। पराजित इंद्र की दयनीय स्थिति को देखकर उनकी मां अदिति बहुत दुखी हुईं। उन्हों...
परिवर्तिनी/वामन एकादशी व्रत कथा हिंदी में परिवर्तिनी (पार्श्व /वामन) एकादशी का महत्त्व युधिष्ठिर ने कहा हे भगवान! आपने भाद्रपद कृष्ण एकादशी अर्थात अजा एकादशी का सविस्तार वर्णन सुनाया। अब आप कृपा करके ...
अनंत चतुर्दशी की पौराणिक कथा एक बार महाराज युधिष्ठिर ने राजसूय यज्ञ किया। उस समय यज्ञ मंडप का निर्माण सुंदर तो था ही, अद्भुत भी था वह यज्ञ मंडप इतना मनोरम था कि जल व थल की भिन्नता प्रतीत ही नहीं होती ...
ब्रह्माजी का एक ही मंदिर क्यों हैं संसार के रचयिता माने जाने वाले भगवान ब्रह्मा की देवता होने के बाद भी पूजा क्यों नही की जाती? आखिर क्यों पूरे भारत में ब्रह्मा जी का है केवल एक ही मंदिर? क्या है इसके...
काल भैरव जन्म कथा – काल भैरव की उत्पत्ति कथा अगहन या मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के अंश काल भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इस तिथि को काल भैरव जयंती के रूप में मनाया जाता ...
कुरु वंश क संस्थापक सवर्ण की कहानी कुरुवंश की उत्पत्ति: पुराणो के अनुसार ब्रह्मा जी से अत्रि, अत्रि से चन्द्रमा, चन्द्रमा से बुध, और बुध से इलानन्दन पुरूरवा का जन्म हुआ। पुरूरवा से आयु, आयु से राजा नह...
संतोषी माता व्रत कथा हिन्दी में एक बुढ़िया थी, उसके सात बेटे थे। 6 कमाने वाले थे जबकि एक निक्कमा था। बुढ़िया छहों बेटों की रसोई बनाती, भोजन कराती और उनसे जो कुछ जूठन बचती वह सातवें को दे देती। एक दिन वह...
॥ अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा ॥ भारतवर्ष में एक प्रतापी और दानी राजा राज्य करता था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों की सहायता करता था। यह बात उसकी रानी को अच्छी नहीं लगती थी, वह न ही गरीबों को दान देती...












