shri krishna

चटक मटक चटकीली चाल, और ये घुंघर वाला बाल भजन हिन्दी में   चटक मटक चटकीली चाल, और ये घुंघर वाला बाल, तिरछा मोर मुकट सिर पे, और ये गल बैजंती माल, तेरी सांवरी सुरतिया, पे दिल गई हार, तेरी सांवरी सुर...

shri krishna

तड़पता है तेरा ये दास संभालो – भजन हिन्दी में   चले आओ, तड़पता है तेरा ये दास संभालो, मिलन की आस ना टूटे संभालो ॥ ये जीवन भी है थोड़ा, ये सांसे भी है थोड़ी, है रस्ता सीधा दर का, क्यों मेरी ...

महिषासुर मर्दिनी

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् – अयि गिरिनन्दिनि हिन्दी में   अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । भगवति हे शितिकण्ठकुटुम...

Ganapati Baba

रिद्धि सिद्धि वाले गणपति बाबा, तेरी महिमा भारी है भजन हिन्दी में रिद्धि सिद्धि वाले गणपति बाबा, तेरी महिमा भारी है, जो तेरे दरबार में आए, उसकी विपदा टारि है ॥ पूजा में मनुहार कर, मोदक खिलाऊँ, घिरत सिं...

तेरी जय हों जय हों, जय गोरी लाल

तेरी जय हों जय हों, जय गोरी लाल भजन हिन्दी में तेरी जय हो जय हो, जय गोरी लाल ॥ दोहा – हे जग दाता विश्व विधाता, हे गणपति जी महाराज, हे शिव सूत गौरी के लाला, मेरे पूरण करियो काज ॥ तेरी जय हो जय हो, जय ग...

श्री शिव जी

श्री शिव जी की आरती – ॐ जय गंगाधर हिन्दी में ॐ जय गंगाधर जय हर, जय गिरिजाधीशा । त्वं मां पालय नित्यं, कृपया जगदीशा ॥ ॐ हर हर हर महादेव ॥ कैलासे गिरिशिखरे, कल्पद्रुमविपिने । गुंजति मधुकरपुंजे, कु...

श्री शनिदेव

श्री शनिदेव आरती – ॐ जय जय शनि महाराज हिन्दी में ॐ जय जय शनि महाराज, स्वामी जय जय शनि महाराज । कृपा करो हम दीन रंक पर, दुःख हरियो प्रभु आज ॥ ॥ ॐ जय जय शनि महाराज ॥ सूरज के तुम बालक होकर, जग में ...

श्री भैरव जी

श्री भैरव जी की आरती हिन्दी में जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा । जय काली और गौर देवी कृत सेवा ॥ ॥ जय भैरव देवा…॥ तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक । भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक ॥ ॥ जय भै...

shri krishna govind

गोपाल गोकुल वल्लभे, प्रिय गोप गोसुत भजन हिन्दी में   गोपाल गोकुल वल्लभे, प्रिय गोप गोसुत वल्लभं । चरणारविन्दमहं भजे, भजनीय सुरमुनि दुर्लभं ॥ घनश्याम काम अनेक छवि, लोकाभिराम मनोहरं । किंजल्क वसन क...

Sabse Pahale Gajanan Manaya Tumhai

सबसे पहले गजानन मनाया तुम्हें भजन हिन्दी में ॥ सबसे पहले गजानन मनाया तुम्हे ॥ श्लोक – वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ सबसे पहले गजानन मनाया तुम्हे, ते...

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