shiv stuti

श्री शिव स्तुति – आशुतोष शशाँक शेखर हिन्दी में   आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा ॥ निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव, जगत सर्जक प्...

Shri Ram stuti

श्री राम स्तुति हिन्दी में   ॥दोहा॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं । नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥ कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं । पटपीत मानहुँ तडित रुचि शु...

shiv chalisa

श्री शिव चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके । का...

कृष्ण कन्हैया

सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया भजन हिन्दी में   सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया । दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया ॥ एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा । तीसरा नज़रें मिलाना,...

govinda

राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी भजन हिन्दी में   राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी, राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी, आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी, राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥ राधा मेरी चंदा, चको...

श्री आदिनाथ

श्री आदिनाथ चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा॥ शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करूं प्रणाम । उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम ॥ सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार । आदिनाथ भगवान को, मन मन्दिर में धार ॥ ॥ ...

Shri Bhairav Chalisa

श्री भैरव चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ । चालीसा वंदन करो श्री शिव भैरवनाथ ॥ श्री भैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल । श्याम वरण विकराल वपु लोचन लाल विशाल ॥ ॥ चौपाई ॥...

shri ganesh

श्री गणेश चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल । विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू । मंगल भरण करण शुभः काजू ॥ जै गजबदन सदन सुखदाता । विश्व...

Maa Vaishno Chalisa

मां वैष्णो देवी चालीसा हिंदी में ॥ दोहा॥ गरुड़ वाहिनी वैष्णवी त्रिकुटा पर्वत धाम काली, लक्ष्मी, सरस्वती, शक्ति तुम्हें प्रणाम। ॥ चौपाई ॥ नमो: नमो: वैष्णो वरदानी, कलि काल मे शुभ कल्याणी। मणि पर्वत पर ज...

Shri Navgrah Chalisa

श्री नवग्रह चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय । नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय ॥ जय जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज। जयति राहु अरु केतु ग्रह, करहुं अनुग्रह...

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