Shri radha Rani

श्री राधा चालीसा हिन्दी में ॥दोहा ॥ श्री राधे वुषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार । वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रानावौ बारम्बार ॥ जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिय सुखधाम । चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम ॥ ॥ चौप...

Shri Chitragupt

भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती ॐ जय चित्रगुप्त हरे, स्वामीजय चित्रगुप्त हरे । भक्तजनों के इच्छित, फलको पूर्ण करे॥ विघ्न विनाशक मंगलकर्ता, सन्तनसुखदायी । भक्तों के प्रतिपालक, त्रिभुवनयश छायी ॥ ॐ जय च...

Shri Yugal Kishore

आरती युगलकिशोर की कीजै हिन्दी में आरती युगलकिशोर की कीजै । तन मन धन न्योछावर कीजै ॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै । हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥ रवि शशि कोटि बदन की शोभा । ताहि निरखि मेरो मन लोभा ॥ ओढ़े नील पी...

जय बजरंगी जय हनुमाना

जय बजरंगी जय हनुमाना – हनुमान स्तुति हिन्दी में हनुमानजी स्तुति, जय बजरंगी जय हनुमाना, रुद्र रूप जय जय बलवाना, पवनसुत जय राम दुलारे, संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥ जय वज्रकाय जय राम केरू दासा, ह...

shiv chalisa

भैरवरूप शिव स्तुति हिन्दी में देखो देखो, बन बन्यो आजु उमाकंत । मानों देखन तुमहिं आई रितु बसंत ॥ १ ॥ जनु तनुदुति चंपक-कुसुम-माल । बर बसन नील नूतन तमाल ॥ २ ॥ कलकदलि जंघ, पद कमल लाल । सूचत कटि केहरि, गति...

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं हिन्दी में श्री देव्यापराध क्षमापन स्तोत्रं ॥ न मन्त्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथा: । न जाने मुद्रास्ते...

surya dev

आदित्य-हृदय स्तोत्र हिन्दी में   ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ १ ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् । उपागम्याब्रवीद्राममगस्त्यो भग...

brahaspati guru

श्री बृहस्पति देव की आरती हिन्दी में जय वृहस्पति देवा, ऊँ जय वृहस्पति देवा । छिन छिन भोग लगा‌ऊँ, कदली फल मेवा ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा, जय वृहस्पति देवा ॥ तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी । जगतपिता जगदी...

Maa Kaila Devi

माँ कैला देवी चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय जय कैला मात हे तुम्हे नमाउ माथ ॥ शरण पडूं में चरण में जोडूं दोनों हाथ ॥ आप जानी जान हो मैं माता अंजान ॥ क्षमा भूल मेरी करो करूँ तेरा गुणगान ॥ ॥ चौपाई ॥ जय ज...

Shri Sheetla Mata

श्री शीतला अष्टकम हिंदी में   ऊँ अस्य श्रीशीतला स्तोत्रस्य महादेव ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः,  शीतली देवता, लक्ष्मी बीजम्, भवानी शक्तिः,  सर्वविस्फोटक निवृत्तये जपे विनियोगः ॥ ॥ ईश्वर उवाच॥ वन्दे अहं ...

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