laddu gopal

मैया री मैया एक खिलौना दिलवा दे भजन हिन्दी में   मैया री मैया एक खिलौना- छोटा सा दिलवा दे चाबी भरकर जब छोड़ तो एक ही रटन लगा दे बोले श्याम श्याम श्याम बोले श्याम श्याम श्याम सुन मैया सुन मैया मुझ...

कृष्ण कन्हैया

तेरी प्रीत में मोहन मन बावरा है: भजन हिन्दी में तेरी प्रीत में मोहन, मन बावरा है, लागि लगन तू ही, मेरा सांवरा है, मेरा सांवरा है, हमें तो कन्हैया, तेरा आसरा है, लागि लगन तू ही, मेरा सांवरा है, मेरा सा...

laxmi narayan

एकादशी माता की आरती हिन्दी में ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ ॐ जय एकादशी…॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी। गण गौरव की देनी माता, शास्...

Shri Ram Stuti

श्री राम स्तुति हिन्दी में ॥दोहा॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं । नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥ कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं । पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नोमि...

Jai Shri Ram

श्री राम चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम् पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामाय...

Shri Chitragupt Maharaj

श्री चित्रगुप्त चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश। ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश॥ करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती सहाय। चित्रगुप्त जस विमलयश, वंदन गुरूपद लाय॥ ॥ च...

Shani Dev

श्री शनि चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल । दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज । करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज ॥ ॥ च...

माँ सरस्वती चालीसा

माँ सरस्वती जी की आरती हिन्दी में जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता । सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥ जय जय सरस्वती माता…॥ चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी । सोहे शुभ हंस सवारी, ...

अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी आरती हिन्दी में जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ न...

श्री हरि स्तोत्रम्

ॐ जय जगदीश हरे आरती हिन्दी में ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे । भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का, स्वामी दुःख बिनसे ...