अलसस्य कुतः विद्या, अविद्यस्य कुतः धनम्। अधनस्य कुतः मित्रम्अ, मित्रस्य कुतः सुखम् ॥ हिन्दी भावार्थ: आलसी इन्सान को विद्या कहाँ। विद्याविहीन/अनपढ़/मूर्ख को धन कहाँ। धनविहीन/निर्धन को मित्र कहाँ। और मित...

Garud Puran Ke Anusar Kin Gharon Mein Bhojan Nahin Karna Chahiye

जब भक्त बुलाते हैँ जब भक्त बुलाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ ॥ वो तो दीन और दुःखीओं को ॥ आ के गले लगाते हैँ, हरि दौड़ के आते हैँ, जब भक्त बुलाते हैँ… द्रोपदी ने जब, उन्हें पुकारा, दौड़े दौड़े आ गए...

Maa Lakshmi

घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा । घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा ॥ दीवाली का त्यौहार आया, हमने घर को दीपो से सजाया । माँ मेरे घर आना भक्तो को भूल न जाना, सबके घर में चरण धर ...

Hanuman ji

तर्ज : प्यासे पंछी नील-गगन के रामायण के सात काण्ड में कोई नही है ऐसा सुन्दरकाण्ड के जैसा.. घर घर में गाया जाता है कौनसा ग्रंथ है ऐसा सुन्दरकाण्ड के जैसा.. इतना सरल है हर कोई पड़ले, शास्त्र नहीं कोई ऐस...

Mata Rani

जय माता दी गाये जा, मैया को मनाये जा, माता से कर अरदास तू, मैया पे रख विश्वास तू, जय माता दी गायें जा, मैया को मनाये जा ॥ जिसने माता का है नाम लिया, पल में माँ ने उसका काम किया, कभी भी उसकी नैया ना डू...

Maa Dakshineshwar Kali Mandir

माँ राणीसती सुनले, तेरो लाल बुलावे है, इब खोल तेरी मुट्ठी, क्यों जी ने जलावे है, मां राणीसती सुनले, तेरो लाल बुलावे है ॥ तेरे होतां क्यों दादी, टाबर तेरो तरसे, बिन सावन भादो के, मेरी आंखड़ल्या बरसे, क्...

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