Maa parwati

माँ पार्वती चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये दक्षजे शम्भू प्रिये गुणखानि । गणपति जननी पार्वती अम्बे! शक्ति! भवानि ॥ ॥ चौपाई ॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे । पंच बदन नित तुमको ध्यावे ॥ षड्मुख कहि ...

Jai Radha Vallabh Shri Hari Vansh

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे भजन हिन्दी में मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे तुम सदा ...

Radhe Krishna

मेरा मन पंछी ये बोले, उड़ वृन्दावन जाऊँ भजन हिन्दी में   मेरा मन पंछी ये बोले, उड़ वृन्दावन जाऊँ, बृज की लता पता में, मैं राधे-राधे गाऊँ, मैं राधे-राधे गाऊँ, श्यामा-श्यामा गाऊँ ॥ वृन्दावन की महिमा ...

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम् हिन्दी में   निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी, धरा विघात हारिणी । गृहे-गृहे निवासिनी, भजामि ...

shri krishna

आयी बरसाने वाली है आयी भजन हिन्दी में   आयी बरसाने वाली है आयी, रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥ देखो टोली है सखियों के संग में, छाई मस्ती है हर अंग अंग में, राधा कान्हा को देख मुस्काई, रास रचते है कृष...

राधा आरती

आरती श्री वृषभानुसुता – राधा आरती हिन्दी में आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥ त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेकविराग विकासिनि । पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि, सुन्दर...

Shri Ganga Stuti

श्री भगीरथ नन्दिनि गंगा माता स्तुति हिन्दी में   जय जय भगीरथ नन्दिनि, मुनि-चय चकोर-चन्दनि, नर-नाग-बिबुध-बन्दिनि जय जहनु बालिका । बिस्नु-पद-सरोजजासि, ईस-सीसपर बिभासि, त्रिपथ गासि, पुन्रूरासि, पाप-...

Radhe Krishna Ki Jyoti

राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक भजन हिन्दी में   राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक, तीनों लोक में छाये रही है । भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन, फिर भी दीप जलाये रही है । कृष्ण को गोकुल से राधे को… कृष्ण...

आरती श्री रामायण जी

आरती श्री रामायण जी की हिन्दी में आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद । बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥ शुक सनकादिक शेष अरु शारद । बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥ ॥ आरती श...

श्री कुबेर आरती

श्री कुबेर आरती हिन्दी में ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे । ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥ शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुब...

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