श्री कुबेर आरती हिन्दी में ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे । ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥ शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुब...
माँ महाकाली चालीसा- जय काली कंकाल मालिनी! हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जय जय सीताराम के मध्यवासिनी अम्ब, देहु दर्श जगदम्ब अब करहु न मातु विलम्ब ॥ जय तारा जय कालिका जय दश विद्या वृन्द, काली चालीसा रचत एक सिद्धि...
गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान भजन हिन्दी में गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान, करता है सबसे पहले, पूजा तेरी जहान, गौरी के लाडले, महिमा तेरी महान ॥ चंदन चौकी पे बिराजे, दाता गजशिश धारी, शीश स्वर्ण मुकुट...
श्री तुलसी माता आरती – महारानी नमो-नमो हिन्दी में तुलसी महारानी नमो-नमो, हरि की पटरानी नमो-नमो । धन तुलसी पूरण तप कीनो, शालिग्राम बनी पटरानी । जाके पत्र मंजरी कोमल, श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥ धूप-...
ब्रह्माजी का एक ही मंदिर क्यों हैं संसार के रचयिता माने जाने वाले भगवान ब्रह्मा की देवता होने के बाद भी पूजा क्यों नही की जाती? आखिर क्यों पूरे भारत में ब्रह्मा जी का है केवल एक ही मंदिर? क्या है इसके...
काल भैरव जन्म कथा – काल भैरव की उत्पत्ति कथा अगहन या मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के अंश काल भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इस तिथि को काल भैरव जयंती के रूप में मनाया जाता ...
कुरु वंश क संस्थापक सवर्ण की कहानी कुरुवंश की उत्पत्ति: पुराणो के अनुसार ब्रह्मा जी से अत्रि, अत्रि से चन्द्रमा, चन्द्रमा से बुध, और बुध से इलानन्दन पुरूरवा का जन्म हुआ। पुरूरवा से आयु, आयु से राजा नह...
संतोषी माता व्रत कथा हिन्दी में एक बुढ़िया थी, उसके सात बेटे थे। 6 कमाने वाले थे जबकि एक निक्कमा था। बुढ़िया छहों बेटों की रसोई बनाती, भोजन कराती और उनसे जो कुछ जूठन बचती वह सातवें को दे देती। एक दिन वह...
श्री लक्ष्मी माता की आरती हिन्दी में महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि । हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं...
॥ अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा ॥ भारतवर्ष में एक प्रतापी और दानी राजा राज्य करता था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों की सहायता करता था। यह बात उसकी रानी को अच्छी नहीं लगती थी, वह न ही गरीबों को दान देती...










