संसार – दावानल – लीढ – लोक – त्राणाय कारुण्य – घनाघनत्वम् । प्राप्तस्य कल्याण – गुणार्णवस्य वन्दे गुरोः श्रीचरणारविन्दम् ॥ 1 महाप्रभोः कीर्तन – नृत्य – ...

पल्लवि: रङ्गपुर विहार जय कोदण्ड रामावतार रघुवीर श्री अनुपल्लवि: अङ्गज जनक देव बृन्दावन सारङ्गेन्द्र वरद रमान्तरङ्ग मध्यम कालम् श्यामळाङ्ग विहङ्ग तुरङ्ग सदयापाङ्ग सत्सङ्ग चरणम्: पङ्कजाप्तकुल जलनिधि सोम...

अच्युताय गोविन्दाय अनंताय । ॐ अच्युताय नमः ॥ ॐ गोविन्दाय नमः ॥ ॐ अनंताय नमः ॥ अग्नि पुराण में शक्तिशाली मंत्र का उल्लेख है जो सभी रोगों के लिए एक प्रभावी माना गया है। इस मंत्र का जाप विश्वास और भक्ति ...

आत्मा रामा आनंद रमना आत्मा रामा आनंद रमना अच्युत केशव हरि नारायण अच्युत केशव हरि नारायण भवभय हरणा वंदित चरणा भवभय हरणा वंदित चरणा रघुकुलभूषण राजीवलोचन रघुकुलभूषण राजीवलोचन आत्मा रामा आनंद रमना आत्मा र...

पुष्पांजलि का अर्थ है फूलों से भरी हुई अंजलि जो किसी देवता अथवा महापुरुष को अर्पित की जाती है। धार्मिक अनुष्ठानों अर्थात हवन, पूजन, आरती, ग्रहप्रवेश, विवाह कर्म या अन्य पूजन से संबंधित कार्यों में देव...

जो व्यक्ति अष्टमी, नवमी तथा चतुर्दशी तिथि को इस स्तोत्र का पाठ करता है वह अपनी मोक्ष, धन, विद्या तथा तर्क ज्ञान जैसी कामनाओं को प्राप्त कर लेता है। जब व्यक्ति विपत्ति, संग्राम, मूर्खत्व की दशा, दान के...

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥१॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥२॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां ह...

गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस, उत्तर भारत में अधिक प्रसिद्ध है। गोस्वामी तुलसीदासजी कृत संपूर्ण रामायण का पाठ करने में कुछ दिन का समय लग सकता है। और कई बार समय की कमी के कारण एक ही ...

अथ ध्यानम् – दिगंबरं भस्मसुगंध लेपनं चक्रं त्रिशूलं डमरुं गदां च । पद्मासनस्थं रविसोमनेत्र्म दत्तात्रयं नमभीष्टसिद्धिदम् ॥ १ ॥ काषायवस्त्रं करदंडधारिणं कमंडलुं पद्मकरेण शंखम् । चक्रं गदाभूषितभूष...

ॐ भूर्भुव: स्व: । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो न: प्रचोदयात् ॥ यजुर्वेद 36.3 तूने हमें उत्पन्न किया, पालन कर रहा है तू । तुझ से ही पाते प्राण हम, दुखियों के कष्ट हरता तू ॥ तेरा महान ...

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