काली कमली वाला मेरा यार है

काली कमली वाला मेरा यार है – भजन हिन्दी में   काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तु दिलदार है, तु मेरा यार है, मेरा दिलदार है ॥ मन मोहन मैं तेरा दीवाना, गाउँ बस अब यही तराना, श्याम...

Bhole Bhandari

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी भजन हिन्दी में   इक दिन वो भोले भंडारी, बन करके ब्रज की नारी, ब्रज/वृंदावन* में आ गए । पार्वती भी मना के हारी, ना माने त्रिपुरारी, ब्रज में आ गए । पार्व...

shri krishna

राधिका गोरी से बिरज की छोरी से हिन्दी भजन में   राधिका गोरी से बिरज की छोरी से, मैया करादे मेरो ब्याह उम्र तेरी छोटी है, नज़र तेरी खोटी है, कैसे करादू तेरो ब्याह जो नहीं ब्याह कराये, तेरी गैया नही...

Shri krishna

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम भजन हिन्दी में   श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम साँवरे की बंसी को बजने से काम राधा का भी श्याम वोतो मीरा का भी श्याम जमुना की लहरें ...

श्री शिव आरती

श्री शिव आरती – ॐ जय शिव ओंकारा हिन्दी में ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा…॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे । हंसासन गरूड़ासन वृ...

shri krishna

आओ आओ कान्हा आया, राखी का त्यौहार भजन हिन्दी में   आओ आओ कान्हा आया, राखी का त्यौहार, याद करे तेरी बहना तुझको, जग के पालनहार, आओ आओ नन्द कुमार, आओ आओ कान्हां आया, राखी का त्यौहार ॥ मेरा तो बस एक ...

श्री विश्वकर्मा आरती

श्री विश्वकर्मा आरती हिन्दी में जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा ॥ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । आदि सृष्टि मे विधि को, श्रुति उपद...

माँ सरस्वती चालीसा

माँ सरस्वती चालीसा हिन्दी में ॥ दोहा ॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि । बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि ॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्त...

सूर्य भगवान जी

सूर्य स्तुति हिन्दी में दीन-दयालु दिवाकर देवा । कर मुनि, मनुज, सुरासुर सेवा ॥ १ ॥ हिम-तम-करि केहरि करमाली । दहन दोष-दुख-दुरित-रुजाली ॥ २ ॥ कोक-कोकनद-लोक-प्रकासी । तेज -प्रताप-रूप-रस-रासी ॥ ३ ॥ सारथि-प...

श्री शिव आरती

लिङ्गाष्टकम् हिन्दी में   ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाश...

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